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गोपालगंज में स्पेशल मॉडिफाइड कारों से 20 लाख की विदेशी शराब जब्त, डिक्की में गुप्त तहखाना बनाकर हो रही थी तस्करी


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज) बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद धंधेबाज हर दिन नए-नए जुगाड़ अपना रहे हैं, लेकिन गोपालगंज उत्पाद विभाग की पैनी नजर के आगे उनकी हर चालाकी धरी की धरी रह जा रही है। जिले में मद्यनिषेध विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) पर दो अलग-अलग जगहों पर बड़ी नाकेबंदी करते हुए लग्जरी कारों से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कारों के भीतर बाकायदा गुप्त केबिन (तहखाने) बनवा रखे थे। इस पूरी कार्रवाई में 600 लीटर से अधिक शराब जब्त की गई है और मौके से तीन तस्करों को दबोचा गया है।

पहली रेड: कोन्हवा मोड़ पर सुपौल के तस्कर का भंडाफोड़, कार की डिक्की से निकली शराब

उत्पाद विभाग को इनपुट मिला था कि यूपी के रास्ते बिहार में शराब की एक बड़ी खेप घुसने वाली है। इसी आधार पर पहली कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र के कोन्हवा मोड़ के पास NH-27 पर की गई। वहां तैनात टीम जब गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध कार को रोका गया। पहली नजर में कार बिल्कुल सामान्य दिख रही थी, लेकिन जब डिक्की की बारीकी से जांच की गई तो उसमें बेहद शातिराना तरीके से वेल्डिंग करके बनाया गया एक गुप्त तहखाना मिला। इस तहखाने को खोलते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। इसके भीतर से 305.250 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। कार चला रहे सुपौल जिले के एक तस्कर को ऑन-द-स्पॉट गिरफ्तार कर लिया गया।

दूसरी रेड: सासामुसा पेट्रोल पंप के पास फिर पकड़ी गई ‘तहखाने वाली कार’

अभी पहली कार्रवाई पूरी ही हुई थी कि उत्पाद विभाग की दूसरी टीम ने कुचायकोट थाना क्षेत्र के सासामुसा पेट्रोल पंप के सामने, NH-27 की सर्विस रोड पर एक और कार को घेराबंदी करके रोका। इस कार की बनावट में भी वही चालाकी दोहराई गई थी। बॉडी के भीतर छिपे विशेष केबिन से पुलिस ने 301.125 लीटर विदेशी शराब बरामद की। इस गाड़ी से दो और तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए तस्करों से मिली शुरुआती लीड के बाद विभाग अब इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगना की तलाश कर रहा है।

यूपी से बिहार आ रही थी खेप, बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालने में जुटी पुलिस

शराब तस्करी के इस हाईटेक पैटर्न पर बात करते हुए उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा ने बताया कि दोनों वीआईपी गाड़ियों को इस तरह से मॉडिफाई किया गया था कि कोई आम आदमी कयास भी नहीं लगा सकता कि इसके अंदर शराब हो सकती है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि शराब की यह खेप उत्तर प्रदेश से लोड की गई थी और इसे गोपालगंज के रास्ते सुपौल समेत बिहार के अन्य पूर्वी जिलों में डिलीवर किया जाना था। जब्त की गई कुल 606.375 लीटर शराब की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है।

यूपी-बिहार बॉर्डर पर स्पेशल चेकिंग अभियान, तस्करों की हर चाल पर नजर

उत्पाद अधीक्षक के मुताबिक, यूपी-बिहार सीमा और एनएच-27 से सटे इलाकों में अब 24 घंटे विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। तस्कर आजकल ट्रैक्टर, ट्रक और लग्जरी गाड़ियों में गुप्त केबिन बनाकर माल सप्लाई करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, तस्करी में इस्तेमाल दोनों कारों को जब्त कर राजसात (जब्ती) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ मद्यनिषेध कानून के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है और उनके मोबाइल सीडीआर (CDR) के जरिए पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।



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