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वायरल वीडियो केस में अनंत सिंह और गुंजन सिंह को अग्रिम जमानत, एमपी-एमएलए कोर्ट का बड़ा फैसला


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

नमो नारायण मिश्रा / गोपालगंज –   गोपालगंज के चर्चित मामले में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को अदालत से बड़ी राहत मिली है। यह मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में 2 मई को आयोजित एक उपनयन संस्कार कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर हथियार लहराने और अश्लील गानों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी और जांच शुरु की गई थी। इसके बाद यह मामला विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट तक पहुंचा, जहां से दोनों आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल गई।

हाइलाइट्स – 

  • गोपालगंज वायरल वीडियो मामले में अनंत सिंह और गुंजन सिंह को अग्रिम जमानत मिली।
  • एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर की।
  • मामला सेमराव गांव में हुए उपनयन संस्कार कार्यक्रम से जुड़ा है।
  • वीडियो में हथियार लहराने और अश्लील गानों के आरोप लगाए गए थे।
  • जांच अब भी सीआईडी के पास, FSL रिपोर्ट का इंतजार जारी है।

कोर्ट में क्या हुआ, बचाव पक्ष की दलीलें और साक्ष्य पर सवाल

एमपी-एमएलए कोर्ट सह एडीजे-3 की अदालत में दोनों पक्षों की लंबी बहस हुई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन पाठक ने दलील दी कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता संदिग्ध है और यह एडिटेड प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक इस मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट नहीं आई है और न ही किसी प्रकार के हथियार की बरामदगी हुई है, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि पुलिस ने पर्याप्त और ठोस सबूतों के बिना ही प्राथमिकी दर्ज कर दी थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी नामजद आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

जांच जारी, CID के हाथ में केस, आगे की निगरानी पर नजरें

फिलहाल इस फैसले के बाद अनंत सिंह और गुंजन सिंह सहित अन्य आरोपियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। हालांकि मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है क्योंकि इसकी जांच पहले ही सीआईडी को सौंप दी गई है। जांच एजेंसी अब वायरल वीडियो, घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है। इस केस की अगली दिशा FSL रिपोर्ट और CID की अंतिम जांच पर निर्भर करेगी। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा भी तेज है, और सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



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