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सीतामढ़ी से गयाजी तक नमो भारत ट्रेन की मांग, धार्मिक पर्यटन को मिल सकती है नई रफ्तार !


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

पटना –    माता सीता की प्राकट्य स्थली मानी जाने वाली सीतामढ़ी और मोक्ष नगरी गया के बीच सीधी एवं आधुनिक रेल सेवा शुरू करने की मांग तेज हो गई है। व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ के स्थानीय प्रतिनिधियों ने रेल मंत्रालय से इस संबंध में पहल करने का आग्रह किया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सीतामढ़ी और गया दोनों ही धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सीतामढ़ी माता सीता की जन्मस्थली है, जबकि गया में उनके द्वारा राजा दशरथ का पिंडदान किए जाने का उल्लेख मिलता है। ऐसे में इन दोनों तीर्थस्थलों को आधुनिक रेल सेवा के माध्यम से जोड़ना श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। प्रतिनिधियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है।

हाईलाइट्स – 

  •  सीतामढ़ी से गयाजी के बीच नमो भारत ट्रेन चलाने की मांग उठी।
  •  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और सांसद देवेश चंद्र ठाकुर को भेजा गया प्रस्ताव।
  •  मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और पटना होते हुए ट्रेन चलाने का सुझाव।
  •  धार्मिक पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ।
  •  अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के सीतामढ़ी आने से राजस्व बढ़ने की उम्मीद।
     

नमो भारत रैपिड ट्रेन के लिए प्रस्तावित समय-सारिणी

संगठनों ने सीतामढ़ी से गया के बीच वाया मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और पटना नमो भारत रैपिड वातानुकूलित ट्रेन के नियमित संचालन का सुझाव दिया है। प्रस्ताव के अनुसार ट्रेन सुबह 5 बजे सीतामढ़ी से रवाना होकर करीब 9:15 बजे गया पहुंचे। इसके बाद वापसी में गया से सुबह 9:45 बजे प्रस्थान कर दोपहर 2 बजे सीतामढ़ी पहुंचे। वहीं दूसरे फेरे में दोपहर 3 बजे सीतामढ़ी से चलकर शाम 7:15 बजे गया पहुंचे और फिर शाम 7:45 बजे गया से रवाना होकर रात 12 बजे सीतामढ़ी लौटे। इस समय-सारिणी से यात्रियों को एक ही दिन में यात्रा कर आवश्यक कार्य निपटाने की सुविधा मिल सकती है। संगठन का मानना है कि तेज और सुविधाजनक रेल सेवा से लंबी दूरी की यात्रा अधिक आसान और समयबद्ध हो जाएगी।

पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगा फायदा

मांग करने वाले प्रतिनिधियों का कहना है कि इस रेल सेवा के शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। गया आने वाले देश-विदेश के पर्यटक आसानी से सीतामढ़ी भी पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग और राजस्व में वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर बिहार के मरीजों को मुजफ्फरपुर, पटना और गया स्थित प्रमुख अस्पतालों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यवसायी भी कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, न्यायालयों, आईजीआईएमएस, एम्स और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों तक आवागमन आसान होने से लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। संगठनों का मानना है कि यह रेल सेवा उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई गति दे सकती है।

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