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सावरकर जयंती पर सीएम सम्राट चौधरी का कड़ा ऐलान- 48 घंटे में पुलिस देगी जवाब


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पूजा शर्मा ( संवाददाता ) / पटना –  वीर सावरकर जयंती के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की राजनीति, विकास और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग लगातार जाति की राजनीति में उलझे रहते हैं, वे कभी बिहार को विकास की राह पर आगे नहीं ले जा सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को जातिगत सोच से ऊपर उठकर समाज और राज्य की समृद्धि पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए एकता, विकास और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी होगी।

हाईलाइट्स –

  • जातिवाद की राजनीति छोड़कर विकास पर फोकस करने की अपील
  • अपराधियों को 48 घंटे में जवाब देने की सख्त चेतावनी
  • बेऊर जेल भेजने और छापेमारी अभियान का जिक्र
  • बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर
  • बजट में राज्य के राजस्व बढ़ाने को बताया प्राथमिकता
  • सावरकर को बताया राष्ट्रवाद का प्रतीक
     

अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति का ऐलान

मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, अगर वह अपराध करेगा तो बिहार पुलिस उसे 48 घंटे के भीतर जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग शॉर्टकट अपनाकर जल्दी अमीर बनने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और ऐसे लोगों के लिए बेऊर जेल का दरवाजा खुलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखबारों और रोजमर्रा की घटनाओं में यह साफ दिखता है कि अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वालों पर लगातार छापेमारी हो रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ सरकार की नीति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की है।

बिहार के विकास और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि विभागों को तीन हिस्सों में बांटकर काम करने का निर्देश दिया गया है—पहला हिस्सा प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों के संचालन के लिए, दूसरा हिस्सा प्रधानमंत्री Narendra Modi और पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के लिए और तीसरा हिस्सा बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा राजस्व बढ़ाने के लिए समर्पित होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 3.47 लाख करोड़ रुपये के बजट में राज्य का अपना राजस्व अभी लगभग 60 हजार करोड़ रुपये है, जिसे बढ़ाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने उद्योग जगत से संवाद का जिक्र करते हुए कहा कि निवेश तभी सफल होगा जब बिहार के लोगों का भरोसा और विश्वास मजबूत होगा। अंत में उन्होंने सावरकर को राष्ट्रवाद का प्रतीक बताते हुए उनके आदर्शों को बिहार में लागू करने की बात कही और कार्यकर्ताओं से राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।

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