न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस देने के लिए नये नयम बनने जा रहे हैं। बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की पटना में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया है कि आगे से मोटर ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र जमा करने पर ही डीएल जारी किया जाएगा। इसके लिए सरकार बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में महत्वपूर्ण संशोधन करेगी। नियमालवी में बदलाव के बाद आवेदकों को लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) का ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए राज्य में निबंधित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रमाण पत्र जमा करना सबसे जरूरी होगा। डीएल के नए नियम और नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नए वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर ट्रेनिंग देना है।
बिहार में 41 रजिस्टर्ड ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल
बता दें कि बिहार में इस समय लगभग 41 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल रजिस्टर्ड हैं, जहां प्रशिक्षक आधुनिक मानकों के अनुरूप ड्राइविंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस बैठक में कुल 66 मोटर वाहन चालन प्रशिक्षण संस्थान खोलने की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 41 खुल चुके हैं जबकि 25 निर्माणाधीन है। वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी जिलों का वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार कर लिया गया है। सड़क सुरक्षा से संबंधित रोड सेफ्टी गाइडलाइन भी तैयार कर सभी जिलों को भेज दिया गया है।
सुरक्षित यातायात के लिए सरकार प्रतिबद्ध
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। एलएमवी लाइसेंस के लिए मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान का प्रमाण पत्र अनिवार्य करना सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
