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पोखर में डूबने से 11 वर्षीय छात्र की मौत, अस्पताल में डॉक्टर न मिलने पर भड़के परिजन; NH 227A जाम कर किया हंगामा


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पवन कुमार सिंह / छपरा – सारण जिले के मशरक प्रखंड अंतर्गत पचखंडा गांव में उस समय मातम छा गया जब एक 11 वर्षीय बच्चे की पोखर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मंटू शर्मा के पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो केंद्रीय विद्यालय मशरक में कक्षा चार का छात्र था। जानकारी के अनुसार, मनीष अपने कुछ साथियों के साथ गांव के पीछे स्थित चंवर इलाके में खेलने गया था। खेल-खेल में वह शौच के बाद पास के पोखर में पानी लेने पहुंच गया, जहां गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण वह डूब गया। साथी बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।

हाईलाइट्स – 

  • मशरक के पचखंडा गांव में 11 वर्षीय छात्र की पोखर में डूबने से मौत
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं मिलने पर परिजनों का आक्रोश
  • इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर NH 227A किया गया जाम
  • घंटों बाधित रहा यातायात, पुलिस ने समझा-बुझाकर हटाया जाम
     

स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक न रहने पर परिजनों का आक्रोश, इलाज में लापरवाही का आरोप

घटना के बाद परिजन आनन-फानन में बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशरक लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सक के अनुपस्थित रहने से स्थिति और बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं था और केवल आयुष चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई थी। परिजनों ने यह भी बताया कि बीते महीने जिला प्रशासन द्वारा निरीक्षण के दौरान शिफ्टवार एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती का रोस्टर जारी किया गया था, बावजूद इसके जमीनी स्तर पर व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई दिखी। डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण समय पर उपचार नहीं मिल सका और बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया, जिससे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

एनएच 227ए जाम कर प्रदर्शन, घंटों बाधित रहा यातायात, पुलिस ने संभाली स्थिति

बच्चे की मौत और स्वास्थ्य व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर एनएच 227ए (राम जानकी पथ) को जाम कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद जाम हटाया गया और यातायात बहाल कराया गया। थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया गया है।

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