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बिहार के इन जिलों की बदल जाएगी सूरत, आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे 20 रेलवे स्टेशन


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क : बिहार के समस्तीपुर रेल मंडल के 20 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी गति शक्ति योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी अब एक विशेष प्रोजेक्ट सुपरविजन एजेंसी करेगी।

विशेषज्ञों की होगी तैनाती 

रेलवे की तरफ से इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी। एजेंसी के अधीन विभिन्न तकनीकी पदों पर विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगा। ये विशेषज्ञ निर्माण कार्यों की शुरुआत से लेकर उसके पूरा होने तक हर चरण पर निगरानी रखेंगे।

इन स्टेशनों पर बढ़ेगी सुविधा

इस योजना के दायरे में समस्तीपुर, लहेरियासराय, मधुबनी, सकरी, जनकपुर रोड, जयनगर, सुगौली, नरकटियागंज, बेतिया, रक्सौल, घोड़ासहन, सलौना, बनमनखी, मोतीपुर, झंझारपुर, सिमरी बख्तियारपुर, सुपौल, सहरसा, दौरम मधेपुरा और चकिया रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। 

क्या करेगी एजेंसी 

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों का पालन, कार्य की प्रगति और तकनीकी खामियों पर भी एजेंसी की लगातार नजर रहेगी। यदि किसी कार्य में लापरवाही, तकनीकी त्रुटि या गुणवत्ता से समझौता पाया जाता है तो एजेंसी इसकी रिपोर्ट रेलवे को देगी, जिससे समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।

यात्रियों को मिलेगा आधुनिक स्टेशन 

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वतंत्र निगरानी होने से स्टेशन विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी और निर्माण में अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी। स्टेशनों पर बनने वाले नए प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन सुविधाएं, यात्री शेड, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और अन्य आधारभूत सुविधाएं अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ बनेंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक रेलवे स्टेशन का अनुभव मिलेगा।

रेलवे को भी होगा फायदा

इस स्पेशल एजेंसी की निगरानी से रेलवे अधिकारियों को परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति की सटीक जानकारी मिलती रहेगी। इसके किसी भी समस्या या बाधा की पहचान शुरुआती चरण में ही हो जाएगी, जिससे समय पर समस्या समाधान संभव हो सकेगा। 
 



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