न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : शहरों की तर्ज पर अब बिहार के गांवों में भी टैक्स वसूली की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतें हर घर से सालाना औसतन 1200 रुपये टैक्स लेगी। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर ग्रामीणों को भी नगर निगम की तर्ज पर होल्डिंग समेत अन्य टैक्स देना होगा। इस बारे में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग की हरी झंडी दे दी गई है। अब राज्य कैबिनेट से सहमति मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
इन सुविधाओं पर लगेगा टैक्स
बता दें कि, 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने देशभर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की अनुशंसा की है। इससे आगे के वर्षों में वित्त आयोग से मिलने वाली अनुदान राशि में कटौती हो सकती है। गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने, स्ट्रीट लाइट और पेयजल आपूर्ति पर भी टैक्स लगेगा। नई व्यवस्था में हर घर नल का जल आपूर्ति के लिए अनिवार्य रूप से टैक्स वसूलने की व्यवस्था की जा रही है।
इन भवनों पर कम लगेगा टैक्स
आवासीय भवनों पर व्यावसायिक भवनों की तुलना में कम टैक्स वसूली किया जाएगा। व्यावसायिक भवनों का टैक्स आकार बाजार और व्यावसाय के हिसाब से फाइनल किया जाएगा। मेन रोड और गली स्थित भवनों के लिए भी कर में अंतर हो सकता है। ग्राम पंचायतों के तहत आने वाले बाजार क्षेत्र में भी आवासीय भवनों पर सुदूर गांवों के घरों की तुलना में अधिक टैक्स लगेगा। भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर अधिक टैक्स देना होगा।
