न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : नीट-यूजी 2026 परीक्षा में फर्जीवाड़े की जांच तेज करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने लखीसराय मंडल कारा में बंद सभी 30 आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान सभी आरोपियों को पटना स्थित आर्थिक अपराध इकाई मुख्यालय ले जाकर पूछताछ होगी। उम्मीद है कि इस पूछताछ से पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क का खुलासा होगा।
कोर्ट की मंजूरी के बाद जांच में गति
लखीसराय जिले के किउल और कवैया थाना में दर्ज तीन मामलों में न्यायालय से रिमांड की अनुमति मिलने के बाद EOU की कार्रवाई तेज हो गई। दो मामलों में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बुधवार को रिमांड की मंजूरी दी, जबकि एक अन्य मामले में पहले ही अनुमति मिल चुकी थी। अब सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पूरी की गई।
हर आरोपी से होगी अलग-अलग पूछताछ
EOU की टीम सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करेगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ हो सकती है। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि इस फर्जीवाड़े की साजिश किसने रची, किसकी क्या भूमिका रही और पूरे नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था।
तीन परीक्षा केंद्रों से जुड़ा मामला
21 जून 2026 को लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्र- केंद्रीय विद्यालय खगौर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हसनपुर और केएसएस आदर्श हाई स्कूल में आयोजित नीट यूजी परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया था। इसके बाद EOU ने जांच अपने हाथ में लेकर पूरे मामले की पड़ताल शुरू की।
दूसरे राज्यों तक जुड़ सकते हैं नेटवर्क
जांच एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा फर्जीवाड़े का नेटवर्क केवल लखीसराय तक सीमित नहीं है। इसके तार बिहार के अलावा दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
