न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
विष्णु कुमार गुप्ता / सुपौल : सुपौल जिले के किशनपुर अंचल अंतर्गत मौजहा पंचायत के वार्ड 14 स्थित पचगछिया गांव में कोसी नदी का भीषण कटाव लगातार जारी है। नदी की तेज धारा के कारण शुक्रवार को एक सरकारी जल नल योजना के लिए बने मिनी पानी टंकी सहित चदरायुक्त भवन भी कटकर कोसी नदी में समा गया। यह जल नल योजना रामविलास कुमार के दरवाजे के समीप स्थापित था, जिसे देखते ही देखते नदी अपने साथ बहा ले गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट आते ही कटाव की रफ्तार और तेज हो जाती है। नदी लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते कटाव निरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया तो कई और घर, सरकारी संपत्तियां और कृषि भूमि नदी में समा सकती हैं।
ग्रामीण रामकुमार, रामेश्वर कुमार, कृष्ण कुमार, रघुनाथ शाह, बुलेटिन यादव, सीताराम यादव, उपेंद्र यादव, धनीलाल यादव और जयराम यादव समेत अन्य लोगों ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन अब तक कटाव रोकने के लिए कोई ठोस या प्रभावी कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से अविलंब कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया तो गांव के कई परिवार बेघर हो सकते हैं और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
वहीं, किशनपुर के प्रभारी अंचलाधिकारी जियाउल कमर ने बताया कि अब तक कटाव की चपेट में आकर 15 घर नदी में विलीन हो चुके हैं। प्रभावित परिवारों का प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देश के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
