न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
इन्द्रदेव/सहरसा: नगर निगम सहरसा में कथित भ्रष्टाचार, सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामलों की जांच शुरू हो गई है। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर शुक्रवार को पटना से उच्चस्तरीय जांच टीम सहरसा पहुंची। टीम ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर विभिन्न योजनाओं और कार्यादेशों से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की। टीम के निगम कार्यालय पहुंचने के बाद कर्मियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
यह जांच पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन द्वारा नगर निगम की योजनाओं में कथित सरकारी धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता, निविदा शर्तों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं को लेकर दिए गए परिवाद के आधार पर की जा रही है।
विभागीय आदेश के अनुसार, मामले की जांच के लिए संयुक्त सचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में अवर सचिव परमानंद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता हरेंद्र उपाध्याय, सहायक अभियंता अखिलेश कुमार तथा ट्रेजरी ऑफिसर को शामिल किया गया है।
परिवाद में नगर निगम सहरसा में वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न स्रोतों से होने वाली बंदोबस्ती और अन्य योजनाओं में कथित अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। आरोपों में 15 लाख रुपये से कम राशि में योजनाओं को अलग-अलग हिस्सों में बांटने, अवैध पार्किंग एवं टोल वसूली समेत कई मामलों का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा पटेल मैदान स्थित निर्माणाधीन पार्क, वार्ड संख्या-13 के आईडी सिंह चौक के समीप पोखर जीर्णोद्धार, शाहपुर गांव स्थित पार्क निर्माण एवं पोखर जीर्णोद्धार तथा व्यवहार न्यायालय पार्क से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की जा रही है।
विभाग ने नगर आयुक्त, नगर निगम सहरसा से इन सभी मामलों से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। साथ ही वर्तमान नगर आयुक्त के प्रभार ग्रहण करने के बाद उनके द्वारा जारी किए गए सभी कार्यादेशों से संबंधित योजनाओं की सूची और संचिकाएं भी जांच के लिए मांगी गई हैं।
जांच समिति को पूरे मामले की जांच कर स्पष्ट मंतव्य के साथ 15 दिनों के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित अवधि में रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने के बाद शुक्रवार को टीम सहरसा पहुंची और नगर निगम कार्यालय में जांच शुरू की।
नगर निगम पहुंची जांच टीम के अधिकारियों ने फिलहाल मामले में कुछ भी बताने से इनकार किया है। टीम के सदस्य लगातार विभिन्न फाइलों और अभिलेखों को खंगाल रहे हैं। जांच के दौरान योजनाओं की स्वीकृति, कार्यादेश, निविदा प्रक्रिया, भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल किए जाने की बात सामने आ रही है।
जांच टीम के सहरसा पहुंचने और निगम कार्यालय में लगातार फाइलों की जांच किए जाने के बाद नगर निगम की योजनाओं में लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
