न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
पूजा शर्मा/पटना: पटना में 19 दिनों से आमरण अनशन कर रहे PhD होल्डर्स के प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ बातचीत खत्म हो गई है। प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच मांगों को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है। अब शाम 5 बजे तक सरकार की ओर से फैसला आने की उम्मीद है।
तय होगी आगे की रणनीति
अनशनकारियों का कहना है कि अगर फैसला उनके हित में आता है, तो आमरण अनशन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं, अगर उनकी मांगों के पक्ष में फैसला नहीं आता है, तो आमरण अनशन जारी रहेगा। बता दें कि प्रदर्शनकारी प्रोफेसर नियुक्ति में UGC के नियमों का पालन, उम्र सीमा बढ़ाने और राज्य सरकार के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि पटना में 19 दिनों से आमरण अनशन कर रहे PhD होल्डर आज लोकभवन मार्च पर निकले। वीरकुंवर सिंह पार्क के पास आर ब्लॉक चौराहे पर प्रदर्शनकारी जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रशासन ने इन्हें रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया। डबल लेयर की बैरिकेडिंग की गई, जिस पर छात्र चढ़ गए। बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की गई।
प्रदर्शनकारी प्रोफेसर की नियुक्ति में UGC के नियमों का पालन करने, उम्र सीमा बढ़ाने और राज्य सरकार की ओर से लाए जा रहे नए नियमों का विरोध कर रहे हैं। आंदोलन को अब नेताओं और शिक्षकों का भी समर्थन मिलने लगा है। मांगों को लेकर 19 दिनों से अनशन कर रहे कुमुद पटेल व्हील चेयर से प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने रोते-रोते कहा कि सरकार चाहती है कि मैं मर जाऊं।
पुलिस ने पटना जंक्शन से आर ब्लॉक के रास्ते को बंद कर दिया। चौराहे पर वाटर कैनन तैनात रहे। करीब डेढ़ घंटे के प्रदर्शन और तनातनी के बाद कैंडिडेट्स का एक डेलिगेट सीएमओ गया, वहीं कुछ प्रदर्शनकारी मोर्चे से पीछे हटे तो कुछ को पुलिस ने डिटेन कर लिया। प्रदर्शन को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती की गई।
आर ब्लॉक पर 100 से ज्यादा जवान तैनात रहे। लोक भवन मार्च को देखते हुए पटना प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। आर ब्लॉक चौराहे से लेकर लोक भवन तक बड़ी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई।
