न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क बिहार के सबसे चर्चित और पसंदीदा स्नैक्स ब्रांड्स में से एक “बॉस फूड” के नाम पर बाजार में बड़े पैमाने पर नकली प्रोडक्ट्स बेचने का भंडाफोड़ हुआ है। कंपनी को पिछले काफी समय से अपने लोकप्रिय प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली से मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में एक विशेष टीम जांच के लिए बिहार पहुंची।
दरभंगा के दोनार इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी, पुलिस भी रही मौजूद
मजिस्ट्रेट की टीम ने स्थानीय दरभंगा के सदर थाना पुलिस के सहयोग से दोनार इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक ठिकाने पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई से इलाके के कारोबारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस और जांच टीम ने मौके से भारी मात्रा में नकली स्नैक्स, हूबहू दिखने वाले नकली रैपर और पैकिंग सामग्री जब्त की है।
“चीकू” और “चटोरी” जैसे मशहूर प्रोडक्ट्स की हो रही थी डुप्लीकेसी
जांच में सामने आया है कि बच्चों और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय स्नैक्स “चीकू”, “टेस्टी पटसा” और “चटोरी” की नकली पैकेजिंग तैयार कर उन्हें धड़ल्ले से बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। आम उपभोक्ता असली और नकली के इस बारीक फर्क को समझ नहीं पा रहे थे।
चार महीने से मिल रही थीं शिकायतें, कंपनी को 10 करोड़ का फटका “पिछले चार महीनों से हमें बाजार से लगातार डुप्लीकेट प्रोडक्ट्स और उनके खराब स्वाद की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद हमने आंतरिक जांच की और प्रशासन को सूचित किया।” — रवि चौधरी, सेल्स ऑफिसर (बॉस फूड)
कंपनी अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़े फर्जीवाड़े और मार्केट में नकली माल की सप्लाई की वजह से ब्रांड की साख को बट्टा लगा है और कंपनी को करीब 10 करोड़ रुपये के भारी-भरकम राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
कारोबारी सुनील अग्रवाल का नाम आया सामने, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
छापेमारी के दौरान बरामद किए गए सभी नकली सामान और मशीनों को प्रशासन ने सील कर दिया है। इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच टीम के सामने सुनील अग्रवाल नामक एक स्थानीय व्यवसायी का नाम आया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नकली स्नैक्स के धंधे के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और बिहार के किन-किन जिलों में इसकी सप्लाई की जा रही थी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है।
