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बिहार में बड़ा औद्योगिक धमाका तय! 19 नई फैक्ट्रियों से बदल सकती है राज्य की तस्वीर


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना –  बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अल्ट्राटेक सीमेंट, सोमायन रेमेडीज सहित कुल 19 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर लगभग 928 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे करीब 2200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह निवेश राज्य के विभिन्न जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक हलचल को मजबूत करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक निजी कंपनियों को बिहार में निवेश के लिए आकर्षित किया जाए, ताकि रोजगार सृजन के नए अवसर पैदा हो सकें और राज्य की औद्योगिक पहचान और मजबूत बने।

हाईलाइट्स –

  • बिहार में 19 नई औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी, 928 करोड़ रुपये का निवेश
  • करीब 2200 लोगों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार
  • SIPB की बैठक में 17 परियोजनाओं को स्टेज-1 और स्टेज-2 मंजूरी
  • अल्ट्राटेक सीमेंट, सोमायन रेमेडीज समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल
  • दरभंगा में मखाना प्रोसेसिंग यूनिट से किसानों और युवाओं को फायदा

SIPB बैठक में मिली मंजूरी, कई बड़ी कंपनियों की परियोजनाएं शामिल

शुक्रवार को उद्योग विभाग में राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जो लगभग तीन घंटे तक चली। इस बैठक में कुल 17 औद्योगिक प्रस्तावों को स्टेज-1 और स्टेज-2 की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक की अध्यक्षता उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने की। जिन प्रमुख कंपनियों की परियोजनाओं को हरी झंडी मिली उनमें अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की बांका यूनिट, ग्रीन एक्सेल प्राइवेट लिमिटेड, सोमायन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड, बजरंगबली पैकेजिंग, बीकेएसएस एंटरप्राइजेज, अशर्फी देवी कोल्ड स्टोरेज और टॉप टेन एंटरप्राइजेज जैसी कई कंपनियां शामिल हैं। इन परियोजनाओं के आने से राज्य में औद्योगिक ढांचा और मजबूत होगा तथा निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

दरभंगा में मखाना प्रोसेसिंग यूनिट से किसानों और युवाओं को लाभ

दरभंगा जिले के डोनार क्षेत्र में मखाना प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई है, जिसे मखायो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 27.44 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इससे करीब 300 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह यूनिट आधुनिक तकनीक से मखाना की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन का कार्य करेगी। इसके साथ ही लगभग 5000 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि इससे उनके उत्पादों की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होगी। इस परियोजना से न केवल कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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