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कटिहार में ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर सियासत तेज, विधायक-सांसद के बयानों से गरमाया माहौल


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

कुंदन सिंह / कटिहार –   कटिहार जिले के बरारी प्रखंड स्थित एक विद्यालय में चेतना सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने का कथित विरोध करने वाले दो शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मामला केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह राजनीतिक दलों के बीच बहस का विषय बन गया है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज है। शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी नियमानुसार प्रक्रिया जारी रहेगी।

हाईलाइट्स – 

  • कटिहार के बरारी प्रखंड के एक विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गाने के विरोध का मामला गरमाया।
  • जांच के बाद शिक्षा विभाग ने दो शिक्षकों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की।
  • जदयू विधायक विजय सिंह निषाद ने विरोध करने वालों को राष्ट्रविरोधी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
  • कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि किसी को ‘वंदे मातरम्’ गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
  • मामले को लेकर जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

 

विधायक विजय सिंह निषाद ने कहा- वंदे मातरम् का विरोध बर्दाश्त नहीं

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बरारी के जदयू विधायक विजय सिंह निषाद ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिक्षक ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाने का विरोध किया है तो इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए। विधायक ने कहा कि “यदि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम् कहना होगा और भारत माता की जय बोलनी होगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समाज को बांटने का काम करते हैं और राष्ट्रहित के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। निषाद ने कहा कि ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी था और शिक्षा विभाग द्वारा उठाया गया कदम उचित है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की एकता और राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों पर किसी प्रकार का विरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सांसद तारिक अनवर ने उठाए संवैधानिक सवाल

वहीं कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने इस मामले पर अलग राय रखते हुए कहा कि संविधान सभा ने ‘वंदे मातरम्’ के संबंध में जो व्यवस्था तय की थी, उसी का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और किसी व्यक्ति को किसी गीत के गायन के लिए जबरन बाध्य नहीं किया जा सकता। सांसद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हर मुद्दे को विवाद का रूप देने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी कारणवश आपत्ति है तो उसे मजबूर करना उचित नहीं है। अनवर ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को संविधान सभा की भावना और निर्णयों का सम्मान करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद ‘वंदे मातरम्’ विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

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