न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – पटना जिले के ग्रामीण इलाकों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत जिले के सात प्रखंडों—अथमलगोला, बेलछी, दनियावां, घोसवरी, खुशरूपुर, मनेर और संपतचक में नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी 1 जुलाई से इन संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
हाईलाइट्स –
- पटना के 7 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी।
- 1 जुलाई से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने का लक्ष्य।
- शुरुआती दौर में अस्थायी भवनों से होगा संचालन।
- छात्रों को वाई-फाई, कंप्यूटर लैब और अन्य आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
- स्थायी परिसरों के लिए भूमि चयन प्रक्रिया तेज, 30 जून तक लक्ष्य।
अस्थायी भवनों से होगी शुरुआत, आधुनिक सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
कॉलेजों के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में चयनित भवनों का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन ने अधिकांश भवनों की पहचान कर ली है और उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। छात्रों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर लैब, इंटरनेट और वाई-फाई सुविधा, स्वच्छ पेयजल, आरओ सिस्टम तथा साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत से ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्थायी कैंपस के लिए भूमि चयन प्रक्रिया तेज
जिला प्रशासन इन कॉलेजों के लिए स्थायी परिसरों के निर्माण की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज निर्माण के लिए कम से कम पांच एकड़ तथा शहरी क्षेत्रों में ढाई एकड़ भूमि की आवश्यकता निर्धारित की गई है। 30 जून तक भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने संबंधित अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया तथा सभी विभागों को समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
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