न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा ( संवाददाता ) / पटना – बिहार विधान परिषद की नौ सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव तथा एक सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने तीन उम्मीदवारों को द्विवार्षिक चुनाव के लिए मैदान में उतारा है, जबकि एक उम्मीदवार को उपचुनाव के लिए नामित किया गया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही जेडीयू ने चुनावी तैयारियों को गति दे दी है। माना जा रहा है कि पार्टी ने सामाजिक, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।
हाईलाईट्स –
- बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव और 1 सीट पर उपचुनाव होना है।
- जेडीयू ने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की।
- निशांत कुमार, भारती मेहता और शिवरानी देवी प्रजापति को द्विवार्षिक चुनाव के लिए टिकट मिला।
- उपचुनाव के लिए ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया गया।
- पार्टी ने दो महिला उम्मीदवारों को मौका देकर महिला प्रतिनिधित्व पर जोर दिया।
द्विवार्षिक चुनाव के लिए तीन चेहरों पर भरोसा
जेडीयू द्वारा जारी सूची के अनुसार पटना जिले के निशांत कुमार को बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं मधुबनी जिले की वरिष्ठ कार्यकर्ता भारती मेहता को भी पार्टी ने मौका दिया है। इसके अलावा पश्चिमी चंपारण की शिवरानी देवी प्रजापति को उम्मीदवार घोषित किया गया है। इन नामों के जरिए पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। विशेष रूप से महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के संकेत भी इस सूची से मिलते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जेडीयू ने अपने परंपरागत सामाजिक आधार को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का संदेश देने की कोशिश की है।
उपचुनाव में ललन प्रसाद को मिला टिकट
विधान परिषद की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जेडीयू ने ललन प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक पकड़ का लाभ चुनाव में मिलेगा। खास बात यह है कि चार उम्मीदवारों की सूची में दो महिलाओं—भारती मेहता और शिवरानी देवी प्रजापति को शामिल कर जेडीयू ने महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट संदेश दिया है। आगामी चुनाव में एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणा पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल जेडीयू की इस घोषणा ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है तथा विधान परिषद चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इसे भी पढ़ें – राजस्व विभाग में मचा हड़कंप! 9 और अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई, कुल संख्या 32 हुई
