न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राहुल कुमार / शेरघाटी : शेरघाटी थाना क्षेत्र के योगापुर गांव की एक महिला फुलो देवी (24)पति विक्रम कुमार की मौत कथित सही इलाज नहीं मिलने के कारण गुरुवार को हो गई। स्वजनों के अनुसार महिला का पति विक्रम पिछले 6 माह से दुर्घटना के आरोप में जेल में बंद है। परिवार के समक्ष खाने पीने के सामान के साथ इलाज के लिए पर्याप्त साधन नहीं था। जिसके कारण सही इलाज नहीं करा पाई।
25 दिनों से बीमार थी महिला
मृतका की सास यमुना कुंवर ने बताया कि वह पिछले लगभग 25 दिनों से बुखार से पीड़ित थी। अनुमंडल अस्पताल में सरकारी इलाज करा रही थी। लेकिन बुखार नहीं छोड़ रहा था। दूसरी ओर बच्चों को पालन पोषण करने के लिए बीमार की स्थिति में भी गांव में जाकर काम करती रही। पिछले एक सप्ताह से जब लाचार हो गई तो काम छोड़ दी। इसके बाद खाना भी मिलना बंद हो गया। बच्चों को आस पास के लोगों से मांग कर खिला रहे थे। लेकिन बड़े के लिए क्या करते? आखिरकार उसकी मौत हो गई।
गांव वालों के सहयोग से अंतिम संस्कार
इस तरह गरीबी, लाचारी और समय की बेबसी ने एक भरा पूरा परिवार को तबाह कर दिया। महिला की मौत के बाद गांव वालों के सहयोग से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। स्वजन के अनुसार महिला का पति ट्रैक्टर ड्राइवर है। 6 माह पहले उसके ट्रैक्टर से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई थी। जिसके आरोप में वह फिलहाल जेल में है। महिला की मौत से उसके छोटे बच्चों की परवरिश की चिंता बूढ़ी सास को सता रही है। बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है। मुखाग्नि उसके नाबालिग पुत्र ने दिया। अब जेल से पति को आने का इंतजार है ताकि उसका पारंपरिक दशकर्म आदि किया जा सके।
पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग
महिला अपने पीछे तीन मासूम बच्चों को छोड़ गई है, तीनों बच्चे नाबालिग हैं। मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। घर में न पर्याप्त राशन है और न ही आय का कोई साधन बचा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संस्थाओं से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की मांग किया है। साथ ही बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने तथा उनके पिता को कानूनी सहायता दिलाने की दिशा में भी आवश्यक पहल की मांग की गई है, ताकि इस उजड़े परिवार को फिर से सहारा मिल सके।
