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पुलिस के वाटर कैनन पर झूमे छात्र, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हिरासत में 


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पूजा शर्मा / पटना :
पटना की सड़कों पर मंगलवार को भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और रोजगार की मांगों को लेकर हजारों छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकल पड़े। आंदोलन का नेतृत्व भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के बैनर तले किया गया, जिसे कई प्रमुख छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं का भरपूर समर्थन मिला। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को हिरासत में लिया गया। 

प्रदर्शनकारी छात्र जेपी गोलंबर और इनकम टैक्स चौराहे पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उग्र नारेबाजी करने लगे। छात्रों ने पुलिस की घेराबंदी तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे मौके पर भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पुलिस द्वारा पानी की बौछारें छोड़े जाने के बावजूद मौके से प्रदर्शनकरी नहीं हटे। कई छात्र पानी की बौछारों के बीच ही सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराने लगे और वाटर कैनन की धार पर डांस करने लगे। इसके बाद पुलिस बल ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सड़क से घसीट-घसीटकर हटाना शुरू किया और कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया।

इस बड़े प्रदर्शन में पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे। राजेश राम छात्रों के साथ बैरिकेडिंग पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। वही, सांसद पप्पू यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा केवल अपने हक और बेहतर भविष्य की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

छात्र कड़ी धूप में सड़क पर खड़े होकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। छात्र ने कहा कि हम चेहरे, हरकत या पेशे से कोई आतंकवादी नहीं हैं, फिर भी हमारी बात नहीं सुनी जा रही है। अपने बेहतर भविष्य और हक के लिए हम गोली खाने तक को तैयार हैं।

इस आंदोलन को एनएसयूआई के अलावा युवा कांग्रेस, एआईएसएफ, छात्र राजद, एसएफआई, डीवाईएफआई, द ग्रेट भीम आर्मी, सोशल जस्टिस आर्मी, एआईडीएसओ, द सोशलिस्ट और एआईडीवाईओ जैसे तमाम प्रमुख संगठनों ने अपना समर्थन दिया।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और अन्य छात्र नेताओं ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर, कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है, जिसके खिलाफ यह आंदोलन जारी रहेगा।

इन प्रमुख मांगों पर प्रदर्शन

  •     भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त अनियमितता और धांधली पर रोक।
  •     प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई।
  •     शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमे और पुलिस कार्रवाई वापस लेना।
  •     राज्य की समग्र शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करना।



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