न्यूज 11 भारत /बिहार डेस्क
इन्द्रदेव/ सहरसा : सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। समस्तीपुर से सहरसा आ रही मेमू पैसेंजर ट्रेन संख्या 63344 के इंजन और उससे सटे एक कोच में अचानक भीषण आग लग गई। घटना करीब 3 बजे की है। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और घना धुआं उठते ही स्टेशन परिसर में अफरातफरी मच गई और यात्री दहशत में ट्रेन से उतरने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर खड़ी थी। इसी दौरान इंजन से धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घटना के समय अधिकांश यात्री ट्रेन में सो रहे थे। अचानक आग और धुएं को देखकर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों, अग्निशमन विभाग और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारण ट्रेन में सवार यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा विशेष सैलून ट्रेन से सिमरी बख्तियारपुर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीआरएम ने बताया कि सुबह करीब 3 बजे ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर खड़ी थी। इसी दौरान लोको पायलट को कोच के बीच वाले हिस्से से धुआं निकलने की जानकारी मिली। निरीक्षण करने पर नीचे आग लगी हुई पाई गई, जिसके बाद अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया गया और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। बाद में काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
डीआरएम ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच के लिए सहरसा की एफएसएल टीम, फायर ब्रिगेड, रेलवे के संरक्षा विभाग और तकनीकी विभाग को लगाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
उन्होंने बताया कि ट्रेन में कुल 12 कोच थे। जिस कोच में आग लगी है, उसे जांच पूरी होने तक वहीं रखा जाएगा, जबकि सुरक्षित कोचों को अलग कर हटाया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
