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बिहार में चोरी के शक में 26 साल के युवक की बेरहमी से हत्या, न्याय के लिए सड़क पर उमड़ी भीड़


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (सरफराज आलम, सीवान)बिहार के सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में कानून को हाथ में लेने का एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ महज एक मोबाइल चोरी की आशंका पर 26 वर्षीय युवक शहजाद अली की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मॉब लिंचिंग की वारदात के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। घटना के विरोध में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने बड़हरिया बाजार में एक विशाल प्रतिवाद मार्च निकाला और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

थाना चौक पर हुई जनसभा, नेताओं ने सरकार और प्रशासन को घेरा

बड़हरिया बाजार से शुरू हुआ यह प्रतिवाद मार्च थाना चौक पर पहुंचकर एक आक्रोश सभा में तब्दील हो गया। इस सभा का नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया, पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा और विकास यादव ने किया, जबकि संचालन रमाशंकर चौरसिया द्वारा किया गया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा और अमरनाथ यादव ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए। नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के बयानों और देश में फैलाई जा रही सांप्रदायिक व जातीय नफरत का ही नतीजा है कि आज भीड़ इतनी हिंसक हो चुकी है।

“अमीरों के लिए मुस्तैद और गरीबों के मामले में ढीली है पुलिस”

माले नेताओं ने बिहार के प्रशासनिक तंत्र पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सत्ता से जुड़े लोगों या रसूखदारों के साथ कोई छोटी घटना भी होती है, तो पुलिस तुरंत हरकत में आती है। इसके विपरीत, जब किसी गरीब या लाचार परिवार पर पहाड़ टूटता है, तो मामले को रफा-दफा करने और आरोपियों को बचाने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। वक्ताओं ने कहा कि देश और राज्य में संविधान और न्याय व्यवस्था को ताक पर रखकर ‘भीड़ तंत्र’ से फैसले किए जा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

पीड़ित परिवार के लिए सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग

इस विरोध प्रदर्शन के जरिए भाकपा माले ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं:

  • शहजाद अली की हत्या में शामिल सभी दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

  • पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें ₹10 लाख की सहायता राशि दी जाए।

  • आश्रितों के भरण-पोषण के लिए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया कराई जाए।

नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर शहजाद को जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



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