राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ताबड़तोड़ छापेमारी से शेरघाटी अनुमंडल क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
राहुल कुमार/शेरघाटी: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ताबड़तोड़ छापेमारी से शेरघाटी अनुमंडल क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गुरुवार को NIA की टीम ने आमस थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग ठिकानों और बाराचट्टी थाना क्षेत्र में एक ठिकाने पर छापेमारी की। इस तरह अनुमंडल क्षेत्र में कुल तीन स्थानों पर जांच-पड़ताल की गई। बताया जा रहा है कि जाली नोट बरामदगी से जुड़े मामले में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुल आठ स्थानों पर एक साथ NIA की कार्रवाई हुई है। अचानक हुई इस कार्रवाई से संबंधित इलाकों में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
जानकारी के अनुसार, NIA की यह कार्रवाई औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में 2 लाख 48 हजार 500 रुपये के जाली नोट बरामद होने के मामले से जुड़ी है। इस संबंध में 15 अगस्त 2026 को मदनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में सुरेंद्र कुमार, विजय यादव, रंजन और प्रदीप साव को नामजद आरोपित बनाया गया था। जाली नोटों की बरामदगी के बाद पुलिस स्तर पर शुरू हुई जांच के क्रम में मामला अब केंद्रीय जांच एजेंसी की पड़ताल के दायरे में है।
बताया जाता है कि इसी मामले की कड़ियों को जोड़ने और संदिग्ध ठिकानों की जांच के लिए NIA की अलग-अलग टीमों ने आमस थाना क्षेत्र में दो स्थानों पर छापेमारी की। वहीं, बाराचट्टी थाना क्षेत्र में भी एक ठिकाने पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने संबंधित ठिकानों पर आवश्यक जानकारी जुटाई।
गया के एसएसपी सुशील कुमार ने NIA की छापेमारी की पुष्टि की है। हालांकि, छापेमारी के दौरान किन लोगों से पूछताछ की गई, क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामान बरामद हुए और जांच में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सकी है।
NIA की इस कार्रवाई के बाद जाली नोटों के कारोबार और इसके संभावित नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसी की कार्रवाई से इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और आधिकारिक खुलासे का इंतजार है।
