बेगूसराय में इंसानियत शर्मसार! भरी पंचायत में महिला और युवक को ‘तालिबानी सजा’, दोनों से थूक चटवाने का VIDEO वायरल
संजय कुमार/न्यूज़11 भारत
बेगूसराय/डेस्क: बिहार के बेगूसराय जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है. वीडियो में एक महिला और एक युवक के साथ कथित तौर पर भरी पंचायत में अमानवीय व्यवहार किए जाने का दावा किया जा रहा है. आरोप है कि दोनों के साथ पहले मारपीट की गई, फिर कान पकड़वाकर सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया गया और जमीन पर थूक फेंककर दोनों से कथित तौर पर थूक चटवाया गया. हालांकि यह घटना 2 जून 2026 की बताई जा रही है, लेकिन वीडियो अब वायरल होने के बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है. पूरे मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है.
दुष्कर्म के आरोप से मामले ने लिया नया मोड़
घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पीड़ित महिला ने बलिया थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया और अपने पड़ोस के एक युवक पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया. महिला का कहना है कि आरोपी ने उसे धमकाकर जबरन दुष्कर्म किया. सुबह जब आरोपी खिड़की के रास्ते घर से निकल रहा था, तभी ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और पंचायत बुलाकर कथित तौर पर अमानवीय सजा दी. महिला का आरोप है कि पंचायत में उसे और युवक दोनों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया. दोनों को कान पकड़वाया गया और जमीन पर थूक फेंककर कथित तौर पर थूक चटवाया गया. इतना ही नहीं, पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया.
FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि यह घटना 2 जून 2026 की है. पीड़िता के आवेदन पर बलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. आवेदन में महिला ने दुष्कर्म के साथ-साथ पंचायत में उसके साथ किए गए कथित अमानवीय व्यवहार का भी उल्लेख किया है.
डीएसपी ने बताया कि महिला ने फिलहाल प्राथमिकी में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं कराया है. पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले वायरल वीडियो सामने आने पर बलिया डीएसपी सुबोध कुमार ने भी कहा था कि यदि वीडियो में दिख रही घटना सही पाई जाती है तो यह बेहद अमानवीय और कानून के खिलाफ है. किसी भी पंचायत या भीड़ को कानून अपने हाथ में लेकर किसी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार नहीं है.
स्थानीय लोगों ने की कड़ी निंदा
घटना को लेकर स्थानीय वार्ड पार्षद संजय कुमार ने वीडियो की पुष्टि की है. वहीं स्थानीय निवासी दिवाकर कुमार ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में भीड़ द्वारा न्याय करना स्वीकार्य नहीं है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. भाजपा जिला उपाध्यक्ष राकेश रौशन उर्फ मुन्ना, नगर मंडल अध्यक्ष कुंदन किशोर रस्तोगी, बलिया प्रखंड उप प्रमुख सच्चिदानंद पासवान तथा जदयू कार्यकर्ता मो. विलाल ने भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
वार्ड पार्षद के बेटे का नाम आने का दावा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
स्थानीय स्तर पर यह दावा भी किया जा रहा है कि वायरल वीडियो में महिला और युवक से कथित तौर पर थूक चटवाने वालों में नगर परिषद क्षेत्र के एक वार्ड पार्षद के पुत्र की भूमिका है. हालांकि अब तक पुलिस या प्रशासन की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए इस दावे की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
सबसे बड़ा सवाल…
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है. क्या किसी पंचायत या भीड़ को किसी महिला और युवक को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का अधिकार है? क्या केवल आरोपों के आधार पर किसी को कथित ‘तालिबानी सजा’ दी जा सकती है? क्या कानून का डर खत्म होता जा रहा है और भीड़ ही न्याय करने लगी है? फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस कथित अमानवीय कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों पर कब तक कानूनी कार्रवाई होती है.
