न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें सख्त हो गई हैं। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए अहम फैसले के तहत बिहार के 7 सीमावर्ती जिलों के सभी बैंक कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा।
आरबीआई की निगरानी में 1292 सीमावर्ती बैंक
यहां ग्राहकों के लिए केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। नकली नोटों पर लगाम लगाने के लिए सीमा की 1292 शाखाओं में नकली नोट छांटने वाली मशीनें लगानी हैं, जिनमें से 1259 में अब तक काम पूरा हो चुका है। भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन एवं सुरक्षा संबंधी विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्णय लिये गए हैं।
गायब हुए पिलर व अतिक्रमण पर एक्शन
भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के 735 किलोमीटर क्षेत्र में कुल 5343 पिलर हैं। इनमें से 1155 पिलर गायब हैं और 317 क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। केवल 3771 पिलर ही अच्छी स्थिति में हैं, जबकि 100 पिलरों का निर्माण बाकी है। ये स्थिति तब है जब नेपाल सीमा पर बिहार पुलिस के 70 पुलिस थाने और एसएसबी की 194 चौकियों की 24 घंटे निगरानी है। मुख्य सचिव ने सीमा से 15 किलोमीटर व ‘नो-मैन्स लैंड’ से सभी अतिक्रमण तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
साइबर फ्रॉड वाले ‘म्यूल खातों’ पर चला डंडा
वित्तीय हेराफेरी और साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले ’म्यूल खातों’ पर बड़ी कार्रवाई हुई है। बेतिया में 78 खाते फ्रीज कर 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बगहा में आर्थिक अपराध इकाई ने 18 खातों की जांच कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या होते हैं म्यूल खाते?
म्यूल खाते वे बैंक खाते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध धन को ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। आम लोगों को लालच देकर ये खाते खुलवाए जाते हैं और फ्रॉड का पैसा इनमें रखा जाता है। यही कारण है कि 735 किमी लंबी भारत-नेपाल सीमा जैसी संवेदनशील जगहों पर केवाईसी अनिवार्य किया गया है। इन जिलों में वित्तीय मॉनिटरिंग इसीलिए बढ़ाई गई है ताकि सीमा पार से होने वाली टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग व साइबर अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।
