न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा ( संवाददाता ) / पटना – बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के नौ अंचल अधिकारियों (सीओ) पर कार्रवाई की है। विभागीय जांच में कार्यों के निष्पादन में लापरवाही, राजस्व मामलों के निपटारे में अनियमितता तथा सरकारी निर्देशों की अवहेलना जैसी शिकायतें सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। विभाग के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
हाईलाइट्स –
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 9 और अंचल अधिकारियों पर की कार्रवाई।
- भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में गिरी गाज।
- इससे पहले 23 अंचल अधिकारियों पर भी हो चुकी है कार्रवाई।
- अब तक कुल 32 अंचल अधिकारी विभागीय कार्रवाई की जद में आए।
- मंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई।
पहले भी 23 अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब विभाग ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की हो। इससे पहले भी 23 अंचल अधिकारियों पर विभिन्न आरोपों को लेकर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में भूमि संबंधी विवादों के निष्पादन में देरी, दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता, जनता की शिकायतों की अनदेखी तथा कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी जैसी शिकायतें शामिल थीं। विभाग लगातार जिलों से प्राप्त रिपोर्टों और निरीक्षण के आधार पर अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहा है। सरकार का मानना है कि भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय और सेवाएं मिल सकें।
अब तक 32 अंचल अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई
नौ नए अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद अब तक कुल 32 अंचल अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार राजस्व प्रशासन में सुधार और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी योजनाओं, भूमि अभिलेखों के रखरखाव और नागरिक सेवाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी जांच और समीक्षा की प्रक्रिया जारी रहेगी तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।
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