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रेहान अंसारी पटना से गिरफ्तार, भागने की फिराक में था मुख्य आरोपित


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 
राहुल कुमार / शेरघाटी :
गया जिले के बांकेबाजार थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्राओं के कथित यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार चल रहे मुख्य आरोपित रेहान अंसारी को गुरुवार को पटना से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, लोकेशन ट्रैकिंग और कॉल डिटेल के आधार पर उसे दबोचा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित पटना में छिपा हुआ था और वहां से किसी अन्य शहर या राज्य भागने की फिराक में था। इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

एसआईटी का गठन

शेरघाटी एसडीपीओ-1 संदीप कुमार ने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसके लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। तकनीकी निगरानी के आधार पर उसकी लोकेशन मिली, जिसके बाद पटना में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है।

पीड़िता के वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक नाबालिग छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला सामने आते ही आरोपित फरार हो गया था। पुलिस ने नाबालिग होने के कारण पॉक्सो एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

भाई का आरोप- बहन का ब्रेनवॉश कर बनाया शिकार

पीड़िता के भाई ने बताया कि वह एक शादी समारोह में गया था, जहां कुछ युवकों ने उसे कई आपत्तिजनक वीडियो दिखाए। इनमें उसकी 15 वर्षीय बहन का भी वीडियो था। यह देखकर वह स्तब्ध रह गया। उसने बताया कि उसकी बहन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सात महीने से किराये के कमरे में रह रही थी। माता-पिता हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करते हैं, जबकि गांव में दादा-दादी रहते हैं। भाई का आरोप है कि आरोपित ने उसकी बहन का ब्रेनवॉश कर उसे अपने जाल में फंसाया। उसने दावा किया कि क्षेत्र की अन्य नाबालिग लड़कियां भी इस साजिश का शिकार हुई हैं। उसने सरकार से आरोपित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

बड़े नेताओं के नहीं पहुंचने पर जताई नाराजगी

पीड़िता के भाई ने कहा कि घटना सामने आने के बाद अब तक कोई बड़ा जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल का वरिष्ठ नेता पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। हालांकि, गया के एसएसपी सुशील कुमार ने स्वयं मामले की निगरानी संभाली है और जांच की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

एसएसपी बोले- किसी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा

गया के एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला नाबालिग को बहला-फुसलाकर गंभीर अपराध करने का प्रतीत होता है। पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों की वैज्ञानिक तरीके से जांच करा रही है। आरोपित के मोबाइल फोन से मिले वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

मोबाइल से मिले कई आपत्तिजनक वीडियो, जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस जांच में आरोपित के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से कुछ वीडियो अन्य युवकों तक भी पहुंचाए गए थे, जिन्हें लेकर पुलिस जांच कर रही है। न्यूज 11 भारत के अनुसार, आरोपित के मोबाइल में कई लंबे वीडियो मौजूद थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वीडियो किस-किस के पास पहुंचे और उन्हें किस उद्देश्य से साझा किया गया।

सभी पहलुओं पर पुलिस की नजर

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस पूरे मामले में किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं है। पुलिस डिजिटल फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ आरोपित के संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ करेगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए पीड़िताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि साक्ष्यों के आधार पर मजबूत आरोपपत्र दाखिल कर दोषियों को सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।



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