न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : चारा घोटाले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। चारा घोटाला में लालू प्रसाद यादव दोषी ठहराए जा चुके हैं और उन्हें सजा भी मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने लालू यादव को जमानत दी थी। जिसके बाद इस जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है।
अदालत ने क्या कहा
मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। याचिका में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया है। अदालत ने इस याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले में दखल देने से इनकार करते हुए अदालत को जल्द मामले की सुनवाई करने के लिए कहा। अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय जल्द से जल्द इस केस से जुड़े सभी मामलों में सुवनाई पूरा करे।
7 साल पहले मिली थी जमानत
याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को जमानत मिले 7 साल हो चुके हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की तरफ से दलील दी गई थी कि चारा घोटाले के दोषी लालू प्रसाद यादव की सजा निलंबित करने का हाईकोर्ट का आदेश तथ्यात्मक रूप से गलत है। अदालत ने यह कहते हुए राहत दी थी कि दोषी ने अपनी सजा का 50 फीसदी हिस्सा पूरा कर लिया है जो कि तथ्यों के आधार पर सही नहीं है। लेकिन तमाम दलीलों को सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने लालू प्रसाद यादव को हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने से इनकार कर दिया। इसका मतलब यह हुआ कि लालू प्रसाद यादव की जमानत पर रोक नहीं लगी है और वो फिलहाल जमानत पर रहेंगे।
