न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म हो चुकी है और इसमें कुल 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर फैसले भी लिए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में बिहार दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेन्द्र यादव सहित तमाम मंत्री मौजूद थे। कैबिनेट में लिए गए फैसले की पूरी लिस्ट हम आपको बताते हैं।
आर्थिक एवं शहरी विकास को नई गति
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा कि बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में आधुनिक एवं तीव्र सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिसके तहत राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के निर्माण हेतु अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को नामित किया गया है। प्रस्तावित प्रमुख कॉरिडोर पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गया है। यह निर्णय तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विकास, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ बनाने तथा आर्थिक एवं शहरी विकास को नई गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि क्षेत्र को नई गति
वही बिहार में मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। राज्य में मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना के योजनाबद्ध विकास, संचालन एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत “बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BAIDCL)” के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई। यह पहल आधुनिक मत्स्य अवसंरचना के विकास, निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।
मरीजों के लिए बेहतर सुविधा
बिहार मंत्रिपरिषद द्वारा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना के विस्तार के लिए दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना पर लगभग 348.90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। AIIMS पटना के विस्तार से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा, मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी।
