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सावधान! बिहार में अब इन्हें नहीं मिलेगी गैस सब्सिडी, तेल कंपनियों ने शुरू किया महा-अभियान


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी खबर है. केंद्र सरकार के निर्देश पर तेल विपणन कंपनियों ने राज्य के संपन्न परिवारों को मिलने वाली गैस सब्सिडी को रोकने की तैयारी पूरी कर ली है. अब ऐसे एलपीजी कनेक्शन धारक, जिनकी या जिनके परिवार की सालाना आमदनी ₹10 लाख या उससे ज्यादा है, उन्हें सब्सिडी के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा. इस कदम को अमलीजामा पहनाने के लिए कंपनियों ने चिन्हित उपभोक्ताओं के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजने शुरू कर दिए हैं.

पटना समेत पूरे प्रदेश में हड़कंप, आपत्ति दर्ज कराने का मौका

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पटना सहित बिहार भर में अब तक 20 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इस संबंध में संदेश प्राप्त हो चुके हैं. इस मैसेज के जरिए उपभोक्ताओं को सूचित किया गया है कि यदि उन्हें इस फैसले या अपनी आय सीमा को लेकर कोई आपत्ति है, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी बात रख सकते हैं. यदि तय समय में कोई प्रतिक्रिया या जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित उपभोक्ता की गैस सब्सिडी को अपने आप (ऑटोमैटिक) बंद कर दिया जाएगा.

इन वर्गों पर पड़ेगा सीधा असर, ‘लक्षित लाभ’ देने की योजना

तेल कंपनियों के इस नए नियम का सबसे बड़ा असर सरकारी सेवकों, उच्च अधिकारियों, बड़े व्यापारियों और समाज के संपन्न वर्ग पर पड़ने जा रहा है. इस पूरी कवायद के पीछे सरकार का तर्क है कि रसोई गैस पर मिलने वाली आर्थिक सहायता (सब्सिडी) केवल आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक ही सीमित रहनी चाहिए. इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए इस छंटनी प्रक्रिया की शुरुआत की गई है.

आंकड़ों में बिहार का एलपीजी नेटवर्क

बिहार में रसोई गैस उपभोक्ताओं का एक बहुत बड़ा आधार है. वर्तमान में राज्य के कुल 234.65 लाख उपभोक्ताओं का कंपनीवार विवरण इस प्रकार है:

  • इंडियन ऑयल (IOC): 110.57 लाख उपभोक्ता

  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): 67.01 लाख उपभोक्ता

  • भारत पेट्रोलियम (BPCL): 57.05 लाख उपभोक्ता

  • पटना जिला: अकेले राजधानी में 13 लाख से ज्यादा गैस कनेक्शनधारक हैं.

आधार डेटाबेस से पकड़े जाएंगे ‘मृत उपभोक्ता’, 30 दिन में कराना होगा ट्रांसफर

आय सीमा के अलावा, तेल कंपनियों ने एक और बड़ा अभियान शुरू किया है. अब आधार कार्ड के डेटाबेस का मिलान कर ऐसे गैस कनेक्शनों की पहचान की जा रही है, जिनके मूल धारकों की मृत्यु हो चुकी है लेकिन उनके नाम पर अब भी गैस उठाई जा रही है. कंपनियों ने साफ हिदायत दी है कि मूल उपभोक्ता के निधन के बाद परिवार के कानूनी उत्तराधिकारी को 30 दिनों के भीतर कनेक्शन अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लेना होगा. ऐसा न करने की स्थिति में उस गैस कनेक्शन को हमेशा के लिए ब्लॉक या बंद कर दिया जाएगा.

किसी भी शिकायत या आपत्ति के लिए यहाँ करें संपर्क

यदि आपको भी कंपनियों की तरफ से ऐसा कोई मैसेज मिला है और आप अपनी पात्रता को लेकर स्थिति साफ करना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार और तेल कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर कॉल करके अपनी आपत्ति या फीडबैक दर्ज करा सकते हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया सेंट्रलाइज्ड है और ये मैसेज सीधे मुख्यालय स्तर से भेजे जा रहे हैं.



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