न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार में अब पर्यावरण के अनुकूल सफर का सपना हकीकत बनने जा रहा है. राज्य सरकार आगामी जून महीने से सभी राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों (NH-SH), पेट्रोल पंपों, बड़े होटलों और खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग पॉइंट्स शुरू करने की तैयारी में है.
कंपनियों से मांगा गया रोडमैप, 7 जून तक का समय
इस बड़े अभियान को गति देने के लिए परिवहन विभाग ने वाहन निर्माता कंपनियों, पेट्रोलियम डीलर्स और तकनीकी संस्थाओं (OEMs) को आमंत्रित किया है. इन सभी से उन लोकेशन की सूची मांगी गई है जहां वे स्टेशन खोलना चाहते हैं. इसके लिए 7 जून की समयसीमा तय की गई है, जिसके तुरंत बाद आपसी समझौते (MoU) पर मुहर लगाकर जमीनी काम शुरू कर दिया जाएगा.
जून में ही सड़कों पर दौड़ेंगी 100+ नई ई-बसें
दरअसल, बिहार को केंद्र सरकार की तरफ से कुल 400 इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं. इसी योजना के पहले चरण के तहत जून से ही 100 से ज्यादा बसें सड़कों पर उतार दी जाएंगी. इन बसों को बिना किसी रुकावट के चार्जिंग सुविधा मिल सके, इसी उद्देश्य से सरकार इस इंफ्रास्ट्रक्चर को युद्ध स्तर पर तैयार कर रही है.
सरकारी जमीनों पर एनओसी की प्रक्रिया होगी बेहद आसान
निवेश करने वाली कंपनियों को जमीन की तलाश में भटकना न पड़े, इसके लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. यदि कोई कंपनी किसी खाली सरकारी भूखंड पर स्टेशन बनाना चाहती है, तो उसे सिर्फ उसकी जानकारी विभाग को देनी होगी. संबंधित विभागों से कागजी मंजूरी और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दिलवाने का सारा जिम्मा खुद परिवहन विभाग उठाएगा.
सिंगल डिजिटल ऐप और गूगल मैप से ढूंढना होगा आसान
ईवी गाड़ी मालिकों को चार्जिंग की चिंता से मुक्त करने के लिए एक आधुनिक ‘एकीकृत डिजिटल ऐप’ तैयार किया जा रहा है. इस एक प्लेटफॉर्म पर राज्यभर के हर छोटे-बड़े स्टेशन की लाइव लोकेशन मिलेगी. साथ ही, इन्हें गूगल मैप से भी लिंक किया जाएगा, जिससे चालक आसानी से ऑनलाइन रास्ता देख सकेंगे और सफर के दौरान कहीं भी गाड़ी चार्ज कर सकेंगे.
