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इंडो-नेपाल बॉर्डर पर म्यांमार की महिला गिरफ्तार, प्यार के लिए भारत आकर बनी अंजुम खातून


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क( मनीष कुमार, मोतिहारी) इंडो-नेपाल बॉर्डर पर मुस्तैद सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। हरैया थाना क्षेत्र के कस्टम चौक के पास से एक म्यांमार मूल की महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया है। पकड़ी गई महिला की पहचान म्यांमार के यांगून क्षेत्र की निवासी बुमा देवी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि महिला अपनी असली पहचान छिपाकर भारत में अवैध रूप से रह रही थी और अब नेपाल के रास्ते थाईलैंड भागने की फिराक में थी।

प्यार के चक्कर में म्यांमार से भारत आई बुमा, सद्दाम से रचाई शादी

शुरुआती जांच और पूछताछ में इस मामले के पीछे एक चौंकाने वाली प्रेम कहानी सामने आई है। म्यांमार की रहने वाली बुमा देवी का बिहार के सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र के निवासी मोहम्मद सद्दाम मंसूरी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी प्रेम संबंध के कारण महिला सरहद पार कर म्यांमार से भारत पहुंची, जिसके बाद दोनों ने आपस में शादी कर ली।

पहचान छिपाने के लिए बदला नाम, अवैध तरीके से बनवाया भारतीय पहचान पत्र

शादी के बाद भारत में स्थायी रूप से रहने और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए महिला ने एक सोची-समझी साजिश रची। आरोप है कि उसने अपनी नागरिकता और असली पहचान छिपाकर अवैध तरीके से भारतीय पहचान पत्र [Aadhaar Redacted] बनवाया। इस फर्जी दस्तावेज पर उसने अपना नाम बदलकर ‘अंजुम खातून’ रख लिया और इसी फर्जी पहचान के सहारे वह काफी समय से भारत में रह रही थी।

थाईलैंड भागने की कोशिश में कस्टम चौक पर दबोची गई

यह पूरा मामला तब खुला जब महिला नेपाल के रास्ते थाईलैंड जाने की योजना बना रही थी। हरैया थाना क्षेत्र के कस्टम चौक के पास जब सुरक्षा एजेंसियों ने रूटीन चेकिंग के दौरान उसे रोका, तो उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब उसके दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई और कड़ाई से पूछताछ हुई, तो उसकी ‘अंजुम खातून’ वाली फर्जी पहचान उजागर हो गई और म्यांमार की असली नागरिकता का सच सामने आ गया।

कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजी गई महिला, अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की जांच तेज

सुरक्षा एजेंसियों ने जरूरी कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी महिला को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस, इंटेलिजेंस और संबंधित एजेंसियां इस मामले के अंतरराष्ट्रीय पहलुओं को खंगालने में जुटी हैं। पुलिस मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जांच कर रही है: वह भारत कब और किस रास्ते से आई थी, भारत में फर्जी दस्तावेज बनाने में उसकी मदद किसने की और उसके अचानक थाईलैंड जाने का असली मकसद क्या था।



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