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गया में आंधी-बारिश के बीच पेड़ के नीचे खड़ी थी मां-बेटी, अचानक आसमान से गिरी ऐसी आफत की कांप गया पूरा गांव


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (राहुल, शेरघाटी) बिहार के गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. शुक्रवार की सुबह आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश एक परिवार के लिए काल बन गई. आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से एक 17 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी मां इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गईं. मां की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है.

महुआ का पेड़ बना काल: आंधी-पानी से बचने के लिए लिया था सहारा

दिल दहला देने वाला यह हादसा बाराचट्टी के गुलरबेद गांव में सुबह करीब 8:30 बजे हुआ. स्थानीय मुखिया संजीव कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले बढ़ो मांझी की पत्नी गोरी देवी और उनकी बेटी मनीषा कुमारी अचानक मौसम बदलने के कारण तेज हवाओं और बारिश की चपेट में आ गईं. खुद को भीगने और आंधी से बचाने के लिए दोनों गांव में ही मौजूद एक महुआ के पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं. इसी बीच आसमान से कड़कती हुई बिजली सीधे उसी पेड़ पर आ गिरी और दोनों उसकी चपेट में आ गईं.

अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें: डॉक्टरों ने किशोरी को मृत घोषित किया

धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और एम्बुलेंस की मदद से मां-बेटी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बाराचट्टी ले गए. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल के प्रभारी डॉ. सब्बीबुल हक ने बताया कि 17 वर्षीय मनीषा ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था. वहीं, झुलसी हुई मां गोरी देवी को प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए तुरंत जिला अस्पताल भेज दिया गया.

गुलरबेद गांव में शोक की लहर: पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजे का भरोसा

इस अचानक हुए हादसे से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मुखिया संजीव कुमार ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के तय नियमों के तहत परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा राशि दिलवाई जाएगी. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस भी कागजी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया में जुट गई है.



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