न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की राह में आ रही बड़ी बाधा को अब दूर कर ली गई है। अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे टीचरों के लिए यह अच्छी खबर है। अब जल्द ही उनका तबादला हो सकेगा। जानकारी मिली है कि शिक्षा विभाग ने 5.88 लाख शिक्षकों के रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिसके तहत सभी 76 हजार विद्यालयों में शिक्षकों के पद और उनकी उपलब्धता की पहचान की गई है। यही शिक्षकों के तबादले का आधार बनेगा। यानी इसके आधार पर बिहार में शिक्षकों का ट्रांसफर किया जाएगा।
ट्रांसफर में आने वाली बाधा
शिक्षा विभाग ने जुलाई के महीने में बड़े पैमाने पर स्कूल शिक्षकों के तबादले की योजना पहले से बनाई है। स्कूल में छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षकों का अनुपात (रेशनलाइजेशन) नहीं होने के कारण शिक्षकों के पद और उनकी उपलब्धता को लेकर समस्या खड़ी हो रही थी। विभाग के पास कोई सटीक आंकड़ा भी नहीं था, जिसके आधार पर शिक्षकों का तबादला होता। गौर हो कि हाल ही राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षकों की तबादला नीति को मंजूरी दी है। दरअसल, बड़ी संख्या में स्कूल अनियमित पदस्थापन की समस्या से जूझ रहे हैं।
कहीं शिक्षक अधिक तो कहीं कम
किसी स्कूल में जरूरत के अनुसार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं तो कहीं जरूरत से कई गुना अधिक हैं। किसी विद्यालय में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित है, तो कहीं शिक्षकों को क्लास लेने का मौका नहीं मिलता। इसके कारण संबंधित स्कूलों में जरूरतों का आकलन करने में भी समस्या आ रही है। कहां किस विद्यालय में कितने शिक्षकों की आवश्यकता है, यह पता ही नहीं चल पा रहा था। विषयवार शिक्षकों की जरूरत का आंकड़ा भी विभाग के पास नहीं था। रेशनलाइजेशन के दौरान यह सभी ब्योरा विभाग को मिल चुका है।
जुटाई गई शिक्षकों की डिटेल
शिक्षकों के पद और उनकी उपलब्धता की पहचान होने के बाद स्कूलों में शिक्षकों के पदस्थापन की राह आसान हो गयी है। बतायाा जा रहा है कि इसी सप्ताह तबादले का पोर्टल सक्रिय हो जाएगा। जिसके बाद शिक्षक पोर्टल से तबादले का आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद अधिकतम दो सप्ताह में तबादले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
