दीपावली और छठ महापर्व पर घर लौटकर अपनों के साथ खुशियां मनाने वाले बिहार के लोगों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं।
न्यूज11 भारत/पटना डेस्क: दीपावली और छठ महापर्व पर घर लौटकर अपनों के साथ खुशियां मनाने वाले बिहार के लोगों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। त्योहार खत्म होते ही कामकाज और पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में लौटना जेब पर भारी पड़ सकता है। दरभंगा एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट्स का किराया आसमान छू रहा है। सीमित उड़ान सेवाओं और यात्रियों की बढ़ती मांग के बीच हवाई टिकटों की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।
इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। त्योहार के बाद समय पर अपने कार्यस्थल और शिक्षण संस्थानों तक पहुंचना अब उनके लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
मुंबई जाने के लिए 27 हजार रुपये तक किराया
दरभंगा से मुंबई जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 16 से 25 नवंबर के बीच मुंबई के लिए स्पाइसजेट का किराया 15,711 रुपये से 27,003 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, अकासा एयर का टिकट 9,181 से 21,265 रुपये और इंडिगो का किराया 15,062 से 20,521 रुपये के बीच है।
हालांकि, मुंबई से दरभंगा वापसी का किराया तुलनात्मक रूप से कम है। स्पाइसजेट से आने का टिकट करीब 9 से 10 हजार रुपये, इंडिगो का 10 से 11 हजार रुपये और अकासा एयर का करीब 9 हजार रुपये बताया जा रहा है।
दिल्ली का हवाई किराया भी 28 हजार के पार
दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी महंगाई का झटका लग रहा है। 16 से 25 नवंबर के बीच दरभंगा से दिल्ली जाने के लिए स्पाइसजेट का किराया 18,519 रुपये से 28,541 रुपये तक पहुंच गया है।
वहीं, इंडिगो का टिकट 6,990 से 18,577 रुपये और अकासा एयर का किराया 10,047 से 18,598 रुपये के बीच है।
दूसरी ओर, दिल्ली से दरभंगा लौटने के लिए तीनों एयरलाइंस में टिकट की कीमत करीब 6 हजार से 10 हजार रुपये के बीच बताई जा रही है।
सीमित फ्लाइट और बढ़ती मांग से बढ़ी परेशानी
त्योहारी सीजन के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने काम और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों की ओर लौटते हैं। ऐसे में हवाई यात्रा की मांग बढ़ने से टिकटों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
दरभंगा एयरपोर्ट से महानगरों के लिए सीमित उड़ान विकल्प भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। खासकर उन लोगों के लिए मुश्किल ज्यादा है, जिन्हें नौकरी या पढ़ाई के कारण तय समय पर वापस लौटना जरूरी है।
कुल मिलाकर, छठ के बाद परदेस लौटने की तैयारी कर रहे मिथिलांचल के लोगों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती महंगे हवाई टिकट बन गए हैं। त्योहार की खुशियों के बाद घर से महानगरों तक का सफर इस बार जेब पर भारी पड़ने वाला है।
