न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का प्रस्तावित पटना दौरा फिलहाल रद्द कर दिया गया है। 15 जुलाई को आयोजित होना वाला छात्र सम्मेलन अब नहीं होगा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसके पीछे बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के चलते लागू आचार संहिता को आधिकारिक वजह बताया है। हालांकि, पार्टी के अंदर कार्यक्रम रद्द होने के अन्य कारणों को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। जानकारी के अनुसार, छात्र सम्मेलन पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित था। बाद में इसकी तारीख बदलकर 15 जुलाई कर दी गई थी। अब इसे पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की प्रक्रिया और आचार संहिता लागू होने के कारण इस तरह का बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं होगा।
आचार संहिता का हवाला
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पटना में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है। ऐसे में बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के आयोजन से चुनावी नियमों के उल्लंघन की आशंका थी। इसी वजह से राहुल गांधी का दौरा और छात्र सम्मेलन रद्द करने का फैसला लिया गया।
अंदरखाने तैयारियों को लेकर भी चर्चाएं
वहीं, पार्टी सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम रद्द होने के पीछे केवल आचार संहिता ही वजह नहीं है। अंदरखाने यह चर्चा भी है कि सम्मेलन की तैयारियां तय समय तक पूरी नहीं हो सकीं। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस संगठन को करीब 10 हजार छात्रों का विस्तृत डेटा तैयार करने का लक्ष्य दिया गया था।
10 हजार छात्रों का तैयार होगा डाटा
सूत्रों के मुताबिक, संगठन से कहा गया था कि ऐसे लगभग 10 हजार छात्रों के नाम और मोबाइल नंबर जुटाए जाएं, जो नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों या समस्याओं से प्रभावित रहे हों। उद्देश्य ऐसे छात्रों को सम्मेलन में जोड़कर उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाना था।
डेटा तैयार नहीं होने की चर्चा
पार्टी के अंदर यह भी चर्चा है कि निर्धारित समय तक छात्रों का आवश्यक डेटा और संपर्क सूची तैयार नहीं हो सकी। इसी कारण कार्यक्रम की तैयारियों पर असर पड़ा। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं दिया गया है। पार्टी अब भी कार्यक्रम रद्द होने की वजह आचार संहिता को ही बता रही है। राहुल गांधी के छात्र सम्मेलन की नई तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है। अब सभी की नजर कांग्रेस के अगले फैसले पर है कि यह सम्मेलन उपचुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आयोजित किया जाएगा या नहीं।
