न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
सरफराज आलम/लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले के सुप्रसिद्ध इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोकधाम) में सावन की चौथी व अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। तीसरी सोमवारी को हुई दुखद घटना के बाद हरकत में आए लखीसराय जिला प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को छावनी में तब्दील करते हुए अभेद्य किला बना दिया है। भक्त पूर्ण सुरक्षा और चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच आस्था के साथ भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं।
अशोकधाम के इतिहास में पहली बार ‘अरघा प्रणाली’
भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अशोकधाम के इतिहास में पहली बार अरघा (Argha System) के जरिए जलार्पण कराया जा रहा है, जिससे गर्भगृह में किसी भी प्रकार की अफरातफरी न हो और श्रद्धालु सुगमता से जलाभिषेक कर सकें।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: हाइअलर्ट पर प्रशासन
600 से अधिक सुरक्षा बल: सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए 200 मजिस्ट्रेट और 400 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
24/7 टेक-निगरानी
पूरे मेला और मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी (CCTV) तथा ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जा रही है।
शीर्ष अधिकारी खुद मोर्चे पर
तड़के सुबह से ही डीएम शैलेंद्र कुमार, एसपी प्रेरणा कुमार, एसडीएम प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
जिले भर में चाक-चौबंद
बिहार के कृषि मंत्री व स्थानीय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि केवल अशोकधाम ही नहीं, बल्कि लखीसराय जिले के सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। “अशोकधाम स्थित इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर में जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का कष्ट या असुविधा नहीं होने दी जाएगी।”
तीसरी सोमवारी की घटना से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा चक्र को बेहद सख्त कर दिया है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी डर और परेशानी के शांतिपूर्ण माहौल में भगवान शिव की आराधना कर रहे हैं।
