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बिहार के इस रूट में थमेगी ट्रेनों की रफ्तार, जानिए इसकी वजह और रेलवे की तैयारी


न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के मझौलिया-बेतिया रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना के तहत आगामी तीन जुलाई को प्रस्तावित सीआरएस निरीक्षण से पूर्व एक दिन के लिए नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जाएगा।

दो जुलाई को नॉन इंटरलॉकिंग का काम

पहले इसकी तिथि एक जुलाई तय थी। अब प्रशासनिक कारणों की वजह से दो जुलाई को नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) का काम किया जाएगा। इस दौरान मुजफ्फरपुर – नरकटियागंज रेलखंड में कई ट्रेनों के परिचालन पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

तेज गति से चल रहा काम 

हालांकि रेलवे की तरफ से ट्रेनों के परिचालन प्रभावित की जानकारी नहीं है। एनआई कार्य की नई तिथि फाइनल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचाने के लिए काम तेज कर दिया है। स्टेशन परिसर से लेकर पूरे रेलखंड तक अधिकारी और तकनीकी कर्मी जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे हैं।

क्या होंगे फायदे

मिली जानकारी के अनुसार, नॉन इंटरलॉकिंग कार्य दोहरीकरण परियोजना का महत्वपूर्ण चरण है। इसके तहत सिग्नलिंग प्रणाली, ट्रैक, प्वाइंट्स, इंटरलॉकिंग व्यवस्था और अन्य तकनीकी उपकरणों का परीक्षण किया जाता है, ताकि नए रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु ढंग से हो सके। 

 



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