न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार सरकार ने शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 पर बड़ा यू-टर्न लिया है। ट्रांसफर पोर्टल खुलने से 48 घंटे पहले शिक्षा विभाग ने अपने पुराने फैसले को बदलते हुए प्रोबेशन पीरियड में काम कर रहे शिक्षकों के लिए भी ट्रांसफर का रास्ता साफ किया है।
शिक्षा विभाग की मानें तो इस फैसले का लाभ टीआरई-3 से नियुक्त 51,389 शिक्षकों, 36,947 प्रधान शिक्षकों और 5,971 हाईस्कूल के हेड मास्टर को मिलने जा रहा है। अब वर्षों से घर से 300 से 450 किलोमीटर दूर पोस्टेड शिक्षक अपने गृह क्षेत्र के नजदीक के स्कूल में आने की उम्मीद कर सकते हैं।
21 जुलाई 2026 को जारी स्थानांतरण नियमावली में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया था कि प्रोबेशन पीरियड में काम कर रहे शिक्षकों को ट्रांसफर का लाभ नहीं मिलेगा। जिनका पहले समायोजन या पारस्परिक स्थानांतरण हो चुका है, उन्हें भी सामान्य ट्रांसफर का मौका नहीं मिलेगा।
अब विभाग ने नरमी दिखाते हुए प्रोबेशन अवधि वाले शिक्षकों को भी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर आवेदन की अनुमति देने का फैसला किया है।
इन्हें होगा सबसे ज्यादा फायदा
1. TRE-3 के 51,389 सहायक शिक्षक
सरकार ने इन्हें मार्च 2025 में नियुक्त किया था। मई 2025 तक इनकी जॉइनिंग हुई। इनका दो साल का प्रोबेशन अभी पूरा नहीं हुआ है। पुराने नियम के कारण वे तबादला के लिए आवेदन नहीं कर सकते थे। अब पहली बार पसंद के स्कूल का विकल्प मिलेगा।
2. 36,947 प्रधान शिक्षक
BPSC से चयनित प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के प्रधान शिक्षक भी अब अपने घर के नजदीक के स्कूल में ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे।
बिहार में BPSC द्वारा चयनित प्रधान शिक्षक (हेड टीचर) की नियुक्ति और जॉइनिंग प्रक्रिया 2025 में शुरू हुई थी। नियुक्ति पत्र वितरण के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने 21 जुलाई 2025 से अपने आवंटित स्कूलों में पढ़ाना शुरू किया था।
पहले चरण में चुने गए प्रधान शिक्षकों ने 21 जुलाई से 26 जुलाई 2025 के बीच अपने आवंटित स्कूल में पढ़ाना शुरू किया।
जिनका आवंटन बाद के चरणों में हुआ या जिन जिलों में प्रक्रिया बाकी थी, वहां जिला-वार कार्यक्रम के अनुसार जॉइनिंग और पोस्टिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रही।
कुछ जिलों में 2026 तक आवंटन, काउंसिलिंग और जॉइनिंग से संबंधित निर्देश जारी किए गए। BPSC से नियुक्त प्रधान शिक्षकों के लिए दो वर्ष का प्रोबेशन पीरियड तय है। इसी वजह से नई स्थानांतरण नियमावली के तहत प्रोबेशन अवधि में कार्यरत प्रधान शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर संशय था।
सरकार के ताजा फैसले के बाद अब प्रोबेशन अवधि वाले प्रधान शिक्षकों को भी स्थानांतरण के लिए आवेदन करने का अवसर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
3. 5,971 हाई स्कूल के हेड मास्टर
हाई स्कूल के हेड मास्टरों को भी पहली बार पसंदीदा स्कूल चुनने का मौका मिलेगा। BPSC द्वारा चयनित 5,971 हेड मास्टर की पोस्टिंग जुलाई 2025 में पूरी की गई थी। शिक्षा विभाग ने 21 जुलाई से 26 जुलाई 2025 तक उनकी जॉइनिंग कराई थी।
क्या दूर-दराज तैनात शिक्षक घर के पास लौट सकेंगे?
हां, लेकिन शर्तों के साथ। सरकार का दावा है कि डिजिटल और मेरिट आधारित व्यवस्था के जरिए दूर-दराज के जिलों में पोस्टेड शिक्षकों को उनके गृह क्षेत्र के नजदीक लाया जाएगा।
इन्हें बड़ी राहत
31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके शिक्षकों का अनिवार्य स्थानांतरण नहीं होगा। यदि वे स्वयं आवेदन करेंगे तभी उनका ट्रांसफर किया जाएगा।
PTR बनेगा ट्रांसफर का सबसे बड़ा आधार
इस बार पहली बार पूरे राज्य में छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) के आधार पर पोस्टिंग होगी। जहां-छात्रों की संख्या अधिक होगी और शिक्षक कम होंगे, वहां पहले पोस्टिंग होगी। जहां शिक्षक जरूरत से ज्यादा होंगे, वहां से बाकी बचे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजा जाएगा। जरूरत से अधिक शिक्षक तय करने के 4 मानदंड है।
- जरूरत से अधिक शिक्षक वाले स्कूल में 5 साल या उससे अधिक समय से कार्यरत शिक्षक पहले अधिशेष (सरप्लस) माने जाएंगे।
- यदि ऐसे कई शिक्षक हैं तो सबसे अधिक समय से कार्यरत शिक्षक पहले अधिशेष घोषित होंगे।
- अगर सभी शिक्षक 5 साल से कम समय से पोस्टेड हैं तो सबसे कम सेवा अवधि वाले शिक्षक को अधिशेष माना जाएगा।
- पूरी प्रक्रिया पोर्टल आधारित होगी। इसमें मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा।
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर जारी होंगे दो अहम लिस्ट
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ट्रांसफर प्रोसेस शुरू होने से पहले दो लिस्ट जारी किए जाएंगे। पहली लिस्ट में बताया जाएगा कि किन स्कूलों में शिक्षक जरूरत से ज्यादा है। दूसरी लिस्ट में बताया जाएगा कि किन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इन्हीं के आधार पर समायोजन और ट्रांसफर होगा।
