बिहार में सफाईकर्मियों का आज निगम मुख्यालयों पर हल्लाबोल, 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बिहार में सफाईकर्मियों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है।
न्यूज11 भारत/पटना डेस्क: बिहार में सफाईकर्मियों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को राज्यभर के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के सफाईकर्मी अपने-अपने निकाय मुख्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। राजधानी पटना में सफाईकर्मी मौर्य लोक परिसर में जुटकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
दरअसल, इससे पहले 30 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक सफाईकर्मियों ने आठ दिनों तक हड़ताल की थी। उस दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। हड़ताल समाप्त होने के बाद करीब दो महीने बीत जाने के बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
बिहार लोकल बॉडिज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार ने कहा कि स्थायी, दैनिक पारिश्रमिक, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। विभाग को कई बार मांगों से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
मोर्चा ने नगर निकाय प्रबंधन से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बातचीत के जरिए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
हड़ताल अवधि का वेतन और दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग
सफाईकर्मियों की प्रमुख मांगों में पूर्व में हुई आठ दिवसीय हड़ताल की अवधि को उपस्थिति मानकर वेतन भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा हड़ताल के दौरान काटी गई राशि वापस करने और आंदोलन में शामिल कर्मचारियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की गई है।
वेतन और PF-ESI को लेकर नाराजगी
कर्मचारियों ने दैनिक और आउटसोर्सिंग कर्मियों को प्रत्येक महीने समय पर वेतन देने की मांग उठाई है। साथ ही वेतन भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
मोर्चा ने कर्मचारियों के वेतन से काटी गई PF और ESI की राशि समय पर संबंधित खातों में जमा कराने, बकाया अंशदान की जांच करने और कर्मचारियों को उनका पूरा विवरण उपलब्ध कराने की मांग भी की है। PF-ESI के लाभ दिलाने के नाम पर कथित अवैध वसूली की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की बात भी कही गई है।
मोर्चा ने तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान या पद पर तैनात कर्मचारियों की समीक्षा कर नियमानुसार स्थानांतरण करने की मांग की है। इसके अलावा मृत और सेवानिवृत्त दैनिक कर्मियों के लंबित PF-ESI दावों का निपटारा करने तथा मृत कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को लाभ देने की मांग उठाई गई है।
संगठन ने कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, पदनाम, कार्यावधि और अन्य विवरणों की समेकित सूची उपलब्ध कराने की भी मांग की है। वार्ड स्तर पर पक्षपात और अनुचित प्रभाव से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही गई है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल
मोर्चा का कहना है कि वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और सेवा संबंधी समस्याएं सीधे कर्मचारियों के परिवारों की आजीविका से जुड़ी हैं। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है।
इसी के विरोध में आज राज्यभर में निगम मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार और विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करते हैं तो 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
