बिहार के जहानाबाद में खाकी को दहला देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है।
न्यूज11 भारत/पटना डेस्क: बिहार के जहानाबाद में खाकी को दहला देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। स्मैक तस्करों को दबोचने गए टाइगर मोबाइल के जवान धनेश्वर कुमार की निर्मम हत्या कर दी गई। लापता होने के करीब 36 घंटे बाद शनिवार को उनका शव काको थाना क्षेत्र के नदियावां गांव के पास नदी किनारे से बरामद किया गया। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इलाके में सनसनी फैल गई है।
गुरुवार की रात नगर थाना क्षेत्र के एसएस कॉलेज रोड इलाके में टाइगर मोबाइल के तीन जवान एक कुख्यात स्मैक कारोबारी को गिरफ्तार करने के लिए गए थे। मिली जानकारी के अनुसार, वहां तस्करों के साथ जवानों की झड़प और नोकझोंक हुई, जिसके बाद अचानक भगदड़ मच गई।
इस अफरा-तफरी के दौरान मुख्य आरोपी भाग निकला और भीड़ जुटने लगी। किसी तरह स्थिति संभलने पर दो जवान तो थाने लौट आए, लेकिन जवान धनेश्वर कुमार रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। साथियों के लौटने पर जब उन्होंने वरीय अधिकारियों को घटना की जानकारी दी, तो पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई।
शुक्रवार को एसपी कोटा किरण कुमार ने जवान धनेश्वर कुमार के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि की थी। पुलिस ने तुरंत टेक्निकल टीम को सक्रिय किया और शक के आधार पर स्मैक के धंधे से जुड़े एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
तलाशी अभियान के दौरान शनिवार को काको थाना क्षेत्र के नदियावां गांव के समीप नदी किनारे से लापता जवान का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही एसपी कोटा किरण कुमार खुद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस जांच के दौरान मृतक जवान धनेश्वर कुमार की सर्विस पिस्टल और उनका पर्स सुरक्षित मिल गया है। पर्स से पैन कार्ड, सर्विस आईकार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं पर बारीकी से छानबीन की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्मैक तस्करों ने इस वारदात को कैसे अंजाम दिया और इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
