न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भरत को एक-दो नहीं बल्कि पांच गोलियां लगी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पहली गोली बाएं जांघ के ऊपरी हिस्से में सामने की ओर से लगी थी। वहीं, दूसरी गोली भी बाएं जांघ के मध्य भाग में भीतर की तरफ लगी थी। जबकि तीसरी गोली दाहिनी जांघ के बीच वाले हिस्से में अंदर लगी थी। जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चौथी गोली दाहिनी जांघ में बाहरी हिस्से से अंदर की ओर गई थी। जबकि पांचवीं गोली बाएं पैर के मध्य भाग में पीछे की तरफ से लगी थी।
लगातार हमलावर है विपक्ष
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पिछले कई दिनों से सियासत गरम है। विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस घटना में शामिल दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। न्याय के लिए तत्काल न्यायिक आयोग के गठन का निर्णय लिया गया है।
एक्शन मोड में सीएम
सम्राट चौधरी ने कहा था कि- ‘जब भी कोई गंभीर समस्या सामने आती है, तो सरकार तत्परता से उस पर संज्ञान लेती है। भोजपुर में हुई घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार सरकार ने एक उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। सरकार का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। सीएम ने कहा कि अगर 30 दिनों के अंदर भी आवेदन पर आदेश जारी नहीं होता है, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को सीधे निलंबित करने का आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी होगा।
17 जून को हुआ था एनकाउंटर
बता दें कि भरत तिवारी भोजपुर के बिलौटी गांव के रहने वाले थे। दावा किया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया पर नदी कटाव, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों पर आवाज उठाते थे। 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि वह हथियारबंद था और फायरिंग के दौरान मारा गया। वहीं, परिवार और गांव वालों का आरोप है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था उसके बाद उसे गोली मारी गई।
