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मुजफ्फरपुर–सोनबरसा NH फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण तेज, NHAI ने मांगे खेसरा व रैयतों के रिकॉर्ड


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना  –  बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। इन्हीं में एक अहम परियोजना मुजफ्फरपुर–सोनबरसा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-22) को फोरलेन में तब्दील करने की है। इस निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस दिशा में संबंधित प्रशासनिक इकाइयों से जरूरी भूमि संबंधी विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की है। उद्देश्य यह है कि परियोजना से जुड़ी शुरुआती औपचारिकताओं को जल्द पूरा किया जा सके, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

हाईलाइट्स – 

  • मुजफ्फरपुर–सोनबरसा NH-22 फोरलेन परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण तेज
  • NHAI ने अंचल कार्यालयों से खेसरा व रैयतों के रिकॉर्ड मांगे
  • औराई, मुरौल, बोचहां व मीनापुर से जुटाए जा रहे भूमि दस्तावेज
  • रिकॉर्ड सत्यापन के बाद भू-अर्जन प्रक्रिया को मिलेगी गति
  • फोरलेन बनने से यात्रा होगी आसान और जाम से मिलेगी राहत
     

अंचल स्तर पर मांगी गई विस्तृत भूमि जानकारी

एनएचएआई द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार मुजफ्फरपुर–सोनबरसा खंड के चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण के लिए कई गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में आएगी। इसके लिए संबंधित खेसरा नंबरों के वर्तमान रैयतों के नाम, जमाबंदी विवरण और अन्य राजस्व रिकॉर्ड की मांग की गई है। जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी औराई, मुरौल, बोचहां और मीनापुर जैसे अंचलों को दी गई है, जहां से भूमि से जुड़े सभी दस्तावेज एकत्र कर भेजे जा रहे हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी रिकॉर्ड अंतिम रूप से भू-अर्जन कार्यालय को भेजने से पहले विधिवत सत्यापित किए जाएं, ताकि आगे किसी प्रकार की तकनीकी या कानूनी अड़चन उत्पन्न न हो।

परियोजना से क्षेत्रीय विकास और सुविधा की उम्मीद

इस फोरलेन परियोजना के पूरा होने के बाद मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। वर्तमान में जिस मार्ग पर यातायात दबाव और जाम की समस्या बनी रहती है, उसमें काफी राहत मिलने की संभावना है। साथ ही इस सड़क के बनने से नेपाल सीमा की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी। व्यापार, परिवहन और स्थानीय विकास को भी इस परियोजना से नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के कारण न केवल समय की बचत होगी बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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