न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
इन्द्रदेव / सहरसा: बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर परिसर में सोमवार को सावन की भीड़ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हादसे में सात महिलाओं की मौत हो गई, जबकि करीब 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर से लेकर अस्पताल तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बताया जा रहा है कि सावन के सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु अशोकधाम मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया और अचानक भगदड़ मच गई। कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने और कुछ लोगों के करंट की चपेट में आने की बात भी सामने आई है। इसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने सहरसा में घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अशोकधाम में हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री ने घोषणा की कि हादसे में मृत प्रत्येक व्यक्ति के आश्रित परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर रख रही है।
अशोकधाम हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं, घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
