न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
सागर शुक्ला / पश्चिमी चम्पारण /वाल्मिकीनगर – पश्चिमी चम्पारण जिले के वाल्मिकीनगर क्षेत्र में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सुस्ता क्षेत्र की जमीनी विवादित स्थिति को लेकर गुरुवार को उच्च स्तरीय प्रशासनिक टीम ने संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी तरणजोत सिंह, पुलिस अधीक्षक रामानंद कुमार कौशल, एसएसबी कमांडेंट, एसडीएम, एसडीपीओ बगहा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान विवादित भूमि की वर्तमान स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया गया और सीमा पर मौजूद वास्तविक परिस्थितियों की बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्थल पर मौजूद नक्शों, सीमा स्तंभों और अतिक्रमण की संभावित स्थिति का भी परीक्षण किया।
हाईलाइट्स –
- वाल्मिकीनगर सीमा पर सुस्ता विवाद को लेकर उच्च स्तरीय निरीक्षण
- डीएम तरणजोत सिंह और एसपी रामानंद कुमार कौशल मौके पर पहुंचे
- एसएसबी, एसडीएम और एसडीपीओ की संयुक्त टीम रही मौजूद
- सीमा पर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा
- गृह मंत्रालय के निर्देश पर अतिक्रमण मुक्त कार्रवाई तेज
- स्थानीय लोगों से शांति और अफवाहों से दूर रहने की अपील
गृह मंत्रालय के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण मुक्त कराने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार संयुक्त बैठकें और निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में पश्चिम चम्पारण प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमा से जुड़े सभी विवादों का समाधान शांतिपूर्ण और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या अतिक्रमण को बढ़ावा न मिले।
सुरक्षा, शांति व्यवस्था और समन्वय पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इंडो-नेपाल सीमा पर विधि-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की। इस दौरान एसएसबी Sashastra Seema Bal के जवानों की तैनाती, निगरानी प्रणाली और गश्ती व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि सीमा क्षेत्र में शांति, सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और एसएसबी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में किसी भी संवेदनशील गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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