न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
धीरेन्द्र पाण्डेय / औरंगाबाद: औरंगाबाद सरकारी स्कूल के टीचर ने शिक्षा के मंदिर को रिश्वतखोरी का अड्डा बना दिया था। शिक्षक के बारे में शिकायतें आम थी कि, वह बिना रिश्वत लिए किसी विद्यार्थी का कोई काम नही करते। काम नहीं होने पर स्टूडेंट्स किसी से इसकी शिकायत नहीं करते थे, लेकिन एक स्टूडेंट के परिजन ने हिम्मत दिखाते हुए मामले की शिकायत बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से कर दी।
शिकायत के बाद निगरानी की टीम गुरूवार को औरंगाबाद के बारूण आई और राजकीय केशव उच्च विद्यालय के रिश्वतखोर शिक्षक सह स्टूडेंट को-ऑर्डिनेटर शशिभूषण कुमार को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम रिश्वतखोर टीचर को अपने साथ पटना ले गई है, जहां उसे शुक्रवार को निगरानी की विशेष अदालत में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाएगा।
क्या है मामला
टीम का नेतृत्व कर रही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की पुलिस उपाधीक्षक ऋषिता स्नेह ने बताया कि बारूण प्रखंड के मखरा गांव निवासी शशिभूषण कुमार ने पटना आकर निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी कंचन कुमारी राजकीय केशव उच्च विद्यालय, बारूण से मैट्रिक पास आउट है। पत्नी का मार्कशीट एवं एसएलसी के लिए जब वे स्कूल गये तो शिक्षक सह स्टूडेंट को-ऑर्डिनेटर ने उन्हे पहले कल आओ-परसो आओ कहकर टरकाते रहे।
इस दौरान उन्हें पता चला कि बिना रिश्वत के टीचर स्टूडेंट का कोई काम नहीं करते हैं। रिश्वत नहीं मिलने पर वे इसी तरह बहाने बनाते रहते हैं। इस बीच टीचर ने जब उनसे 10 हजार के रिश्वत की मांग की, तो उन्होंने सबक सिखाना तय किया और मामले की निगरानी में शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी की टीम टीचर को दबोंचने बारूण पहुंची।
मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक टीम भेजकर शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर निगरानी की डीएसपी ऋषिता स्नेह के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया।
निगरानी की टीम गुरूवार को छापेमारी करने बारूण पहुंची। टीम ने शिकायतकर्ता को स्कूल में जाकर टीचर को रिश्वत देकर इशारा करने को कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जैसे ही टीचर को 10 हजार की रिश्वत देते हुए ईशारा किया, वैसे ही स्कूल में ही घात लगाए निगरानी की टीम ने टीचर को रंगेहाथ धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम टीचर को अपने साथ पटना ले गई है। मामले में निगरानी की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है। निगरानी की छापेमारी टीम में इंस्पेक्टर अमन आनंद, सब इंस्पेक्टर राहुल कुमार, आशीष कुमार चौबे, राकेश कुमार एवं अन्य शामिल रहे।
