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20 साल बाद लालू-राबड़ी ने खाली किया सरकारी आवास, कौटिल्य नगर आवास में शिफ्ट हुआ परिवार


न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली कर दिया है। लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अब कौटिल्य नगर स्थित अपने नए आवास में शिफ्ट हो गए हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में रहेंगे। 

राजनीति के अहम फैसलों का केंद्र यह आवास 

बता दें कि 10 सर्कुलर रोड लंबे समय तक लालू परिवार का प्रमुख सरकारी आवास रहा है। यह बिहार की राजनीति के कई महत्वपूर्ण फैसलों का केंद्र भी माना जाता रहा है। अब परिवार के नए आवास में स्थानांतरित होने के साथ इस पते का एक लंबा राजनीतिक अध्याय समाप्त हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने की समय-सीमा सोमवार को समाप्त हो गई थी। सरकार ने उन्हें सात दिनों के अंदर बंगला खाली करने का नोटिस दिया था।

राबड़ी ने मांगा था 5 जुलाई तक का अतिरिक्त समय 

हालांकि, 2 दिन पहले ही राबड़ी देवी के आप्त सचिव ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर 5 जुलाई तक आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। इससे पहले तेजस्वी यादव सोमवार को ही यह आवास खाली कर चुके थे और 1 पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए थे।

राबड़ी ने सरकार से मांगी थी सामानों की लिस्ट 

पूर्व सीएम राबड़ी देवी की ओर से भवन निर्माण विभाग को चिट्ठी लिखी गई थी, उसमें कहा गया था कि विभाग की तरफ से चार्ज रजिस्टर उपलब्ध नहीं करवाया जा सका है। इस रजिस्टर में उन सभी सामानों की लिस्ट दर्ज है, जिन्हें इस बंगले में शिफ्ट होते वक्त राबड़ी देवी को उपलब्ध करवाया गया था। ये चार्ज रजिस्टर राबड़ी देवी को साल 2006 में उपलब्ध करवाया गया था। राबड़ी देवी ने इस लेटर के माध्यम से चार्ज रजिस्टर दोबारा से उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सामानों के मिलान में किसी तरह का कन्फ्यूजन न हो।

सरकारी बंगला खाली करने की डेडलाइन पूरी

भवन निर्माण विभाग ने लालू फैमिली को 22 जून को अंतिम नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया था। इससे पहले भी चार बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। विभाग ने साफ कहा था कि 29 जून तक आवास खाली नहीं होने पर बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। 



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