न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। याचिका भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले में दायर की गई थी। यह याचिका वकील विशाल तिवारी ने दायर किया था। जानकारी के अनुसार, याचिका में दावा किया गया था कि भरत तिवारी का एनकाउंटर फर्जी था। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई थी।
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग
इसके अलावा, एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि कानून का राज और लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। आवेदन में यह भी मांग की थी कि जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति द्वारा कराई जाए।
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई।
- इस मामले में पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी एक आपराधिक मामले में वांछित था और मुठभेड़ में मारा गया।
- पीड़ित परिवार ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार दिया।
- इस मामले को लेकर बिहार में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की।
- इस मामले में वकील विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की।
- सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले संबंधित हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है।
