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बिहार में किशोर की पीट-पीटकर हत्या, झौर गांव में तनाव; दो हिरासत में


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 
राहुल कुमार / शेरघाटी :
शेरघाटी थाना क्षेत्र के झौर गांव में गुरुवार की देर रात चोर होने के शक में 15 वर्षीय किशोर की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही शेरघाटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल किशोर को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान झौर गांव निवासी पंकज उर्फ बंडा मांझी (15) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। मां मुनिया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक की मां मुनिया देवी ने गांव के बालेश्वर यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि देर रात उनके बेटे को पकड़कर हाथ-पैर बांध दिए गए, फिर उसे एक घर में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार लाठी-डंडों और अन्य वस्तुओं से मारपीट किए जाने के कारण पंकज की मौत हो गई। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मृतक की दादी ससीया देवी ने बताया कि रात करीब 12 बजे गांव के कई लोग उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए पंकज को खोजने लगे। जब वह मिला तो उसे पकड़कर अपने साथ ले गए। काफी देर तक परिवार के लोग उसके बारे में जानकारी जुटाते रहे, लेकिन सुबह पता चला कि उसकी मौत हो गई।

घटना के संबंध में गांव की महिला लाखो देवी, ब्रह्मदेव यादव सहित कई ग्रामीणों ने भी बताया कि देर रात लोगों की भीड़ पंकज को पकड़कर ले गई थी। हालांकि घटना को लेकर गांव में अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं।

कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पंकज सबसे पहले शैलेश मांझी के घर में घुसा था। शैलेश की बहन के अनुसार रात करीब 12 बजे पंकज घर में घुसा और सबसे पहले बिजली का बल्ब खोल दिया। इसके बाद वह घर के बाहर दीवार के पीछे छिप गया। घरवालों की नींद खुलने पर उसकी तलाश शुरू हुई। कुछ देर बाद वह दोबारा घर में घुसने की कोशिश करने लगा, जिस पर लोगों ने उसे पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि उसे डांट-फटकार कर घर जाने के लिए कहा गया, लेकिन वह वहां से निकलकर बालेश्वर यादव के घर पहुंच गया।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी पंकज पर बालेश्वर यादव के घर में घुसने का आरोप लगा था, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच कर रही है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया भेज दिया। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर भरत यादव ने बताया कि किशोर की पिटाई से मौत होने की सूचना मिली है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के आवेदन और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद झौर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और पूरे गांव पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।



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