न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – पटना जंक्शन स्थित मल्टी मॉडल हब में यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने नई गाइडलाइन लागू कर दी है। Patna Junction Multi Modal Hub परिसर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और यात्रियों की लगातार हो रही असुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक अब सभी सरकारी और निजी बसों के संचालन के लिए एक समान नियम लागू होंगे। प्रशासन का उद्देश्य जाम की समस्या को कम करना और यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित व तेज बनाना है। पहले अलग-अलग रास्तों से बसों के निकलने के कारण बाहर के इलाके में अव्यवस्था फैल जाती थी, जिसे अब नियंत्रित किया जाएगा।
हाईलाइट्स –
- पटना मल्टी मॉडल हब में नई ट्रैफिक गाइडलाइन लागू
- बसों के लिए एग्जिट गेट नंबर-2 अनिवार्य किया गया
- गेट के पास बस पार्किंग पर सख्त रोक
- बीच रास्ते बस रुकने पर भी प्रतिबंध
- प्रेशर हॉर्न और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई तय
- यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस तैनाती
बस संचालन और पार्किंग के लिए तय हुए सख्त नियम
नई व्यवस्था के तहत अब मल्टी मॉडल हब से निकलने वाली सभी बसों को केवल एग्जिट गेट नंबर-2 का ही उपयोग करना होगा। इससे पहले कई बसें अलग-अलग गेट या रास्तों से निकलती थीं, जिससे भीड़ और जाम की स्थिति बन जाती थी। साथ ही पार्किंग को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। किसी भी बस को गेट के ठीक पास खड़ा होने की अनुमति नहीं होगी, बल्कि सभी बसों को निर्धारित स्थान पर लगभग 12 मीटर पहले ही रोकना होगा। प्रशासन का कहना है कि इससे यात्रियों को प्रवेश और निकास के दौरान किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी और भीड़ नियंत्रण आसान हो जाएगा। नियम तोड़ने पर बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यात्रियों की सुविधा और निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मल्टी मॉडल हब से निकलने के बाद कोई भी बस बीच रास्ते में अनावश्यक रूप से नहीं रुकेगी, खासकर जीपीओ तक किसी तरह के ठहराव पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके साथ ही प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर भी सख्ती बरती जाएगी और संयुक्त जांच अभियान चलाया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जो लगातार निगरानी करेगा। इसके अलावा निजी बस मालिकों के दस्तावेजों का एक सप्ताह के भीतर सत्यापन अनिवार्य किया गया है और प्रशासन व बस संचालकों के बीच त्वरित सूचना साझा करने के लिए एक कॉमन व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा, ताकि संचालन व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और नियंत्रित रह सके।
इसे भी पढ़ें – बेऊर जेल का दरवाजा अब अपराधियों के लिए खुला: सावरकर जयंती पर सीएम सम्राट चौधरी का कड़ा ऐलान- 48 घंटे में पुलिस देगी जवाब
