हाल के दिनों में रिकॉर्ड बारिश से उत्तर बिहार में बाढ़ का संकट गहरा गया है।
न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
विजय शेखर सिंह/पटना: हाल के दिनों में रिकॉर्ड बारिश से उत्तर बिहार में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नेपाल के तराई क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में मूसलाधार बारिश ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है।
वहीं उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन से रिकॉर्ड 6.52 लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। इससे पहले 27 अगस्त को 5.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
जानकारी मिली है कि वाल्मीकिनगर बराज से रविवार रात 9 बजे गंडक नदी में 5.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह इस साल का सबसे बड़ा डिस्चार्ज दर्ज हुआ। 23 ग्राम पंचायतों की करीब 82,000 आबादी सीधे बाढ़ से प्रभावित हुई है।
पश्चिम चंपारण के 10 प्रखंडों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इस दौरान वाल्मीकिनगर में एक किशोर की डूबने से मौत हो गई।
मुजफ्फरपुर के कटरा में बागमती का पानी बकुची पुल पर चढ़ गया है। 16 पंचायतों की 2 लाख आबादी का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क कट गया है। कटौझा में बागमती खतरे के निशान से 0.90 मीटर ऊपर बह रही है। मधुबनी के जयनगर में कमला नदी का जलस्तर 68.10 मीटर पहुंच गया है।
बगहा वाल्मीकिनगर हाईवे पर 6 फीट पानी बहने से गाड़ियों का आवागमन बंद है। मुजफ्फरपुर के बंगरा निजामत समेत कई गांवों में पानी घुसने से परेशानी बढ़ गई है। बागमती नदी के पानी से बकुची, नवादा व अंदामा के कई स्कूल बंद हो गए हैं। अब स्थिति सामान्य होने के बाद ही स्कूलों के खुलने की संभावना है।
